एक अत्यंत मार्मिक और प्रेरक प्रसंग:🙏

🌺राम नाम की महिमा और परमात्मा की कृपा पर एक अत्यंत मार्मिक और प्रेरक प्रसंग:
🌺संत तुलसीदास जी के जीवन से जुड़ा एक अत्यंत प्रेरणादायक प्रसंग है।
🌺एक बार संत तुलसीदास जी काशी में गंगा तट पर बैठे राम नाम का जप कर रहे थे। उसी समय वहां एक कोढ़ी आया, जो भयानक शारीरिक पीड़ा से ग्रसित था। वह रोते हुए तुलसीदास जी के चरणों में गिर पड़ा और बोला, 🌺"महाराज! मैं अपने पापों का फल भुगत रहा हूँ। समाज ने मुझे ठुकरा दिया है और पीड़ा सही नहीं जाती। क्या प्रभु श्री राम मुझे कभी स्वीकार करेंगे?"
🌺तुलसीदास जी ने करुणा से भरकर उससे कहा, "प्रभु श्री राम का नाम पतित पावन है। तू केवल निष्काम और सच्चे भाव से तीन बार 'राम' नाम का उच्चारण कर ले, तेरे पाप कट जाएंगे।"
🌺कोढ़ी ने तुलसीदास जी की बात पर पूर्ण विश्वास किया और तीन बार सच्चे हृदय से 'राम' नाम का जप किया। जप पूरा होते ही परमात्मा की ऐसी अद्भुत महिमा हुई कि उसका शरीर दिव्य और रोगमुक्त हो गया।
जब अन्य विद्वानों और पंडितों ने यह देखा, तो वे 🌺🌺🌺तुलसीदास जी से बहस करने लगे—"शास्त्रों में तो लिखा है कि इतने बड़े पापों और कोढ़ से मुक्ति पाने के लिए वर्षों का तप, प्रायश्चित और यज्ञ आवश्यक हैं। केवल तीन बार राम नाम लेने से कोई पूरी तरह शुद्ध कैसे हो सकता है?"
🌺तुलसीदास जी ने बड़ी नम्रता से मुस्कुराते हुए उत्तर दिया, "आप लोग राम नाम की महिमा को समझ ही नहीं पाए। मुझे दुख इस बात का नहीं है कि वह तीन बार में ठीक हुआ, बल्कि दुख इस बात का है कि उसे 'राम' नाम तीन बार लेना पड़ा! यदि उसका विश्वास पूर्ण होता, तो एक ही बार 'राम' कह देने से उसका उद्धार हो जाता। क्योंकि राम नाम स्वयं परमात्मा का स्वरूप है।"
प्रसंग की सीख:
🌺 * नाम ही परमात्मा है: राम नाम केवल दो अक्षरों का शब्द नहीं, बल्कि परमात्मा की प्रत्यक्ष चेतना और शक्ति है।
 🌺* श्रद्धा और विश्वास: औषधि से बड़ा असर 'श्रद्धा' का होता है। जब हम पूर्ण समर्पण के साथ परमात्मा को पुकारते हैं, तो सारे संताप मिट जाते हैं।
🌺 * सरल मार्ग: कलयुग में परमात्मा तक पहुँचने का सबसे सरल और सुगम मार्ग प्रभु के नाम का निरंतर जप ही है।
 🌺"कलयुग केवल नाम अधारा, सुमिरि सुमिरि नर उतरहिं पारा।" #आओ कुछ पल परमात्मा का नाम जप सुमिरन करते हैं। सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 
🌺जय जय श्री सीता राम जी 🙏🌺

Comments

Popular posts from this blog

Changing Self Vs Changing Scene?????

See Good in Others

Imagine To Innovate