नरक चतुर्दशी 🙏
दीपावली से एक दिन पहले आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी कहा जाता है। उत्तर भारत के अनेक हिस्सों में इसे छोटी दिवाली और रूप चौदस के नाम से भी जाना जाता है। _________ इस दिन का संबंध भगवान श्रीकृष्ण द्वारा नरकासुर नामक अत्याचारी असुर के वध से जोड़ा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का अंत करके उसके अत्याचारों से देवताओं और बंदी बनाई गई स्त्रियों को मुक्ति दिलाई थी। _________ इसलिए यह पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय और अन्याय से मुक्ति का प्रतीक माना जाता है। नरकासुर को भौमासुर भी कहा गया है। श्रीमद्भागवत महापुराण के दशम स्कन्ध के अध्याय 59 में उसकी कथा का विस्तार से वर्णन मिलता है। __________ कथा के अनुसार नरकासुर प्राग्ज्योतिषपुर का शक्तिशाली शासक था। वह पृथ्वी देवी का पुत्र था, लेकिन अपनी शक्ति और सत्ता के अहंकार में उसने अधर्म का मार्ग अपना लिया था। __________ उसने देवताओं को परेशान करना शुरू कर दिया और स्वर्ग से माता अदिति के कुंडल तथा वरुण का छत्र छीन लिया। इतना ही नहीं, उसने अनेक राजकुमारियों को बंदी बनाकर अपने कारागार में कैद कर रखा था। ...