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UNIQUE VILLAGES IN INDIA:*

* UNIQUE VILLAGES IN INDIA:*  ______________________________ *01. SHANI SHIGNAPUR, Maharashtra.* All Houses in the entire village are without Doors.  Even No Police Station.  No Thefts. *02. SHETPHAL, Maharashtra.* Villagers have SNAKES in every family as their family members.  *03. HIWARE BAZAR, Maharashtra.* Richest Village in India.  60 Millionaires.  No one is poor  Highest GDP. *04. PUNSARI, Gujrat.*  Most modern Village.  All Houses with CCTV & WI-FI.  All street lights are Solar Powered. *05. JAMBUR, Gujarat.* All villagers are Indians Still all look like Africans.  Nicknamed as African Village.  *06. KULDHARA, Rajasthan.*  Haunted village.  No one lives there.  A village without villagers All Houses are abandoned.  *07. KODINHI, Kerela.*  Village of TWINS.  More than 400 Twins.  *08. MATTUR, Karnataka.* Village with 100% SANSKRIT speaking villagers in their normal day to day conver...

Mera Bharat Mahaan🙏

Everyone seems to have a problem with Bharat these days. America is angry. China is nervous. Pakistan is restless. A trillionaire is crying online to sell his internet to Indians. American oil giants want Bharat to buy their oil, not Russia's. The American President wants a bigger share of Bharat's massive market. American farmers want Indians to buy their produce. China fears its manufacturing empire is slipping to Bharat. Pakistan fears waking up one morning without PoK. Some dynasty want their ancestral throne back. Elite Bankers dream of crashing Bharat to buy its assets at a discount. Some struggling actors want to turn every protest into a revolution. Media houses keep painting Bharat as a villain while manufacturing new messiahs. Everyone wants something from Bharat. Its markets. Its money. Its resources. Its influence. Its future. And suddenly, the picture becomes clear. They aren't all fighting for the same reason. But they all want a piece of the same prize. BHARA...

रिश्तों की अहमियत समझिए!...

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💔 35 साल की दूरी और अंतिम विदाई… रिश्तों की अहमियत समझिए! मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अभिनेता नाना पाटेकर और उनकी पत्नी नीलकांति पाटेकर करीब 35 साल से अलग रह रहे थे। खबरों में यह भी बताया गया कि नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार के समय उनकी पत्नी नीलकांति अंतिम दर्शन के लिए पहुँचीं। जरा सोचिए, जिस इंसान के साथ जीवन बिताने का वादा किया था, उसी से दशकों की दूरी और फिर एक दिन ऐसा भी आया, जब मुलाकात का अवसर केवल अंतिम विदाई तक सीमित रह गया। काश! जीते-जी एक बार बैठकर बात कर ली होती, गिले-शिकवे दूर कर लिए होते और एक-दूसरे को समझने की कोशिश की होती, तो शायद जीवन की कहानी कुछ और होती। गलती चाहे किसी की भी रही हो, लेकिन 35 साल तक दूर रहना और फिर अंतिम संस्कार में अंतिम दर्शन के लिए पहुँचना हमें रिश्तों की अहमियत पर सोचने को मजबूर करता है। मन में क्या बीती, इसका दर्द वही समझ सकता है जिसने ऐसी दूरी झेली हो। एक बात हमेशा याद रखिए: रिश्तों में अहंकार से बड़ा कोई दुश्मन नहीं और समय से कीमती कोई चीज नहीं। जब अपने जीवित हों, तभी उनसे मिल लीजिए, बात कर लीजिए और माफ करना सीख लीजिए। क्योंकि... अं...

सुप्रभात*🙏

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🌹☘️🍁🌹☘️🍁🌹☘️🍁 *यूं ही नही मिठास आती है रिश्तों में गुलकंद के लिए भी गुलाब को टूटना पडता है!* *संतोष और गहरी नींद मिल जाने के बाद, ईश्वर से कुछ और मांगना नहीं रह जाता है!* *क्योंकि सारी इच्छाओं का आनन्द, इन्हीं दो चीजों के बीच होता है।* *जब भी देखता हूं किसी  को हंसते हुए तो यकीन आ जाता है.. की खुशियों का ताल्लुक दौलत से नहीं होता जिसका मन मस्त है उसके पास समस्त है!* 🌹☘️🍁🌹☘️🍁🌹☘️🍁 *🌹🌹 जय श्री राधे राधे 🌹🌹🙏🏻* *🌹🌹 जय  श्री  कृष्ण  🌹🌹🙏🏻* *🌹🌹   शुभ    प्रभात    🌹🌹🙏🏻* 🕉️सुप्रभात* *दुर्योधन के पास सब कुछ था।*  *किंतु पाण्डवों का हिस्सा खटकता था।*  *असंतोष की भूख ही ऐसी होती हे।*  *जो राजमहल में भी दरिद्रता का आभास कराती हे।* : *आंख मैं पड़ा हुआ तिनका,* *पैर मैं चुभा हुआ कांटा और* *रूई में दबी हुई आग से भी ज्यादा भयानक है,* *हृदय में छुपा हुआ कपट!*       *🙏सुप्रभात🙏* : *गीता का सार दो वाक्यों में...🌹🌹* अर्जुन ने कहा, *"सामने जो खड़े हैं, वो सब अपने है...* कृष्ण ने जवाब मे...

डुबकी नदी में या विकास में?

डुबकी नदी में या विकास में? एक व्यंग्यात्मक लघुकथा हजार किलोमीटर दूर से एक श्रद्धालु पवित्र नदी में डुबकी लगाने नगर पहुँचा। मन में आस्था थी, आँखों में मोक्ष का सपना। स्टेशन से घाट तक आते हुए वह चमचमाती सड़कों, रंग-बिरंगी एलईडी लाइटों और विशाल फ्लाईओवरों को देखकर अभिभूत हो गया। जगह-जगह लगे होर्डिंग चिल्ला रहे थे— “बदला हुआ पुरातन नगर, अकल्पनीय विकास!” वह बुदबुदाया, “वाह! अब तो भगवान के साथ विकास के भी दर्शन होंगे!” लेकिन घाट पर पहुँचते ही उसकी आस्था को सीवर की दुर्गंध ने झकझोर दिया। उसने नदी का जल हथेली में लिया, मगर आचमन करने से पहले ही नाक सिकुड़ गई। पास खड़े पंडित से पूछा, “महाराज, यह पवित्र नदी है या नालों का संगम? पाप धोने आया था, कहीं बीमारियाँ लेकर न लौट जाऊँ!” पंडित मुस्कुराए, “वत्स! शहर के चौदह आधुनिक नालों का प्रेम इसी नदी में उमड़ता है। इसे विकास की गंगा समझो! यहाँ शुद्धिकरण का उद्घाटन हो चुका है, बस नदी को शुद्ध होने की अनुमति अभी नहीं मिली।” श्रद्धालु ने नदी की ओर देखा, फिर आसमान छूते फ्लाईओवर की ओर। कुछ देर चुप रहा, फिर बोला— “महाराज, मैं जन्म-जन्मांतर के पाप धोने आया था, ...

किचन" CEO .. salam🙏

* _"किचन"= बिना डिग्री वाली यूनिवर्सिटी यह बात 100% सच है.!_* *_हम IIT ~ IIM की डिग्री को "बुद्धिमानी" कहते हैं, लेकिन उस महिला के IQ का सर्टिफिकेट कौन देगा जो हर दिन सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक एक CEO की तरह 'किचन' नाम की कंपनी चलाती है..??_*                     *_÷÷•÷÷ सिलेबस ÷÷•÷÷_* *_मैथ्स ::-::_* *_4 लोगों के लिए 2 कटोरी दाल,लेकिन अगर सास आ जाएं, तो उसे 2.5 कटोरी करना.!_* *_रिसोर्स प्लानिंग + डिमांड फोरकास्टिंग_*                  *_÷÷•÷÷ फिजिक्स ÷÷•÷÷_* *_तेल के "छन-छन" की आवाज़ सुनकर ही तापमान का अंदाज़ा लगाना.!_* *_थर्मोडायनामिक्स + एकॉस्टिक्स_*                       *_÷÷•÷÷ केमिस्ट्री ÷÷•÷÷_* *_दही जमाते समय यह जानना कि उसे सही गर्माहट मिली है या नहीं.!_* *_बायोकेमिस्ट्री + फर्मेंटेशन टेक्नोलॉजी_*                          *_÷÷•÷÷ मैनेजमेंट ÷÷•÷÷_* *_गैस पर दाल, कुकर म...

अपने गोत्र की असली शक्ति का पता है?

* क्या आपको अपने गोत्र की असली शक्ति का पता है?* *न कोई अनुष्ठान। न कोई अंधविश्वास। यह आपका प्राचीन कोड है।* *इस पूरे थ्रेड को ऐसे पढ़िए जैसे आपका अतीत इसी पर निर्भर करता हो।* *गोत्र आपका उपनाम नहीं है। यह आपकी आध्यात्मिक डीएनए है।* आइए जानते हैं सबसे अजीब बात क्या है? *हम में से ज्यादातर लोग यह भी नहीं जानते कि हमारा गोत्र क्या है।* *हम सोचते हैं यह तो बस वो लाइन है जो पंडितजी पूजा में बोलते हैं। लेकिन ये उससे कहीं ज़्यादा है।* *गोत्र का मतलब है — आप किस ऋषि के मन से जुड़े हुए हैं।* *खून से नहीं। बल्कि विचार, ऊर्जा, तरंग और ज्ञान से।* *हर हिंदू आध्यात्मिक रूप से किसी एक ऋषि से जुड़ा हुआ है। वो ऋषि आपके बौद्धिक पूर्वज हैं। उनका ज्ञान, उनका मानसिक स्वरूप, उनकी आंतरिक ऊर्जा — ये सब आप में प्रवाहित होती है।* *गोत्र का मतलब जाति नहीं है।* आजकल लोग इसे गड़बड़ा देते हैं। *गोत्र का ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य या शूद्र से कोई लेना-देना नहीं है। यह जातियों से पहले, उपनामों से पहले, यहाँ तक कि राजाओं से भी पहले से है।* *यह सबसे प्राचीन पहचान प्रणाली थी — शक्ति नहीं, ज्ञान के आधार पर।* *हर किसी का ...