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अपने गोत्र की असली शक्ति का पता है?

* क्या आपको अपने गोत्र की असली शक्ति का पता है?* *न कोई अनुष्ठान। न कोई अंधविश्वास। यह आपका प्राचीन कोड है।* *इस पूरे थ्रेड को ऐसे पढ़िए जैसे आपका अतीत इसी पर निर्भर करता हो।* *गोत्र आपका उपनाम नहीं है। यह आपकी आध्यात्मिक डीएनए है।* आइए जानते हैं सबसे अजीब बात क्या है? *हम में से ज्यादातर लोग यह भी नहीं जानते कि हमारा गोत्र क्या है।* *हम सोचते हैं यह तो बस वो लाइन है जो पंडितजी पूजा में बोलते हैं। लेकिन ये उससे कहीं ज़्यादा है।* *गोत्र का मतलब है — आप किस ऋषि के मन से जुड़े हुए हैं।* *खून से नहीं। बल्कि विचार, ऊर्जा, तरंग और ज्ञान से।* *हर हिंदू आध्यात्मिक रूप से किसी एक ऋषि से जुड़ा हुआ है। वो ऋषि आपके बौद्धिक पूर्वज हैं। उनका ज्ञान, उनका मानसिक स्वरूप, उनकी आंतरिक ऊर्जा — ये सब आप में प्रवाहित होती है।* *गोत्र का मतलब जाति नहीं है।* आजकल लोग इसे गड़बड़ा देते हैं। *गोत्र का ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य या शूद्र से कोई लेना-देना नहीं है। यह जातियों से पहले, उपनामों से पहले, यहाँ तक कि राजाओं से भी पहले से है।* *यह सबसे प्राचीन पहचान प्रणाली थी — शक्ति नहीं, ज्ञान के आधार पर।* *हर किसी का ...

दोस्त❤️

 👌आप भले ही करोड़ों की जायदाद के मालिक हो पर जब तक  शाम को चार दोस्त आपका इंतजार न कर रहे हो आप गरीब हो।  एक दोस्त ने क्या खूब लिखा है कि  "मरने के बाद मुझे जल्दी ना जला देना  मेरे दोस्तों को देर से आने की आदत है" ....! *दोस्ती* शब्द का अर्थ  बड़ा ही मस्त होता है .., ( दो+हस्ती ) जब दो हस्ती मिलती हैं ..,                   तब दोस्ती होती है ... ...  *समुंदर* _ _ ना हो तो _ _*कश्ती* _ _ किस काम कीं ..._                                         *मजाक*_ _ना हो , तो _ _ *मस्ती* _ _ किस काम की ... _                              *दोस्तों* _ _ के लिए तो कुर्बान है , ये _ _ *जिंदगी...* _                            अगर _ _ *दोस्त* _ _ ही ना हो , तो फिर ये _ _ *जिंदगी* _ _...

Nana Patekar🙏

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एक मच्छर, साला एक मच्छर, आदमी को हिजड़ा बना देता है ! एक खटमल पूरी रात को अपाहिज कर देता है , सुबह घर से निकलो, भीड़ का हिस्सा बनो ! शाम को घर जाओ, दारू पिओ, बच्चे पैदा करो और सुबह तलक फिर एकबार मर जाओ , क्योंकि आत्मा और अंदर का इंसान मर चुका है, जीने के लिए घिनौने समझौते कर चुका है ! साला, एक मच्छर आदमी को हिजड़ा बना देता है , ऊंची दुकान, फीका पकवान, खद्दर की लंगोटी, चांदी का पिकदान , सौ में से अस्सी बेईमान, फिर भी मेरा देश महान ! टोपी लगाए मच्छर कहता है, देश की लोगों में समता की भावना आ रही है , इसलिए तो बड़ी मछली छोटी को खा रही है , हमारे चुने हुए कुत्ते हमें काटते है, हमारी ही बोटियां आपस में बांटते हैं ! अमानुष गंध से भरी इनकी आवाज से कांपते हैं , कल पैदा हुए बच्चे एक सांस लेते हुए हांफते हैं ! शैतानों की नाजायज औलाद तहलका मचा रही है , और हम भगवान के चहेते जानवर इंसान, जीवन को गाली बनाए बैंठे हैं ! क्या करें, साला एक मच्छर आदमी को हिजड़ा बना देता है ! गिरो सालों, गिरो, गिरो, लेकिन गिरो तो उस झरने की तरह तो अपनी सुंदरता खोने नहीं देता , जमीन के तह से भी मिलकर अपना अस्ति...

जिन्दगी को जियो,

*रिश्तों की सिलाई भावनाओं* *से है तो, टूटना मुश्किल है,* *मगर...* *स्वार्थ से है तो, टिकना*  *मुश्किल है !*  *किसी को अपनी जिंदगी में* *बहुत अहमियत देने से पहले,* *अपनी भी अहमियत उसकी* *नजर मे जांच लेनी चाहिए !*  *जिंदगी का आनंद अपने* *तरीके से लेना चाहिए ,* *लोगों की खुशी के चक्कर* *में तो, शेर को भी सर्कस* *में नाचना पडता है !*  *हमेशा दूसरों की भलाई कीजिए,* *जब हम औरों के काम आते है तो,* *ईश्वर के काफी करीब होते है..!!*  जिन्दगी को जियो,    उसे समझने की कोशिश ना करो,      चलते वक्त के साथ चलो, वक्त को बदलने की कोशिश ना करो, दिल खोल कर सांस लो, अंदर ही अंदर घुटने की कोशिश ना करो, कुछ बातें ईश्वर पर छोड़ दो, सब कुछ खुद सुलझाने की कोशिश ना करो..!! 🔴🟡🟢🟤⚫🔵