संस्कृत वाक्य और उनका सीधा हिंदी अनुवाद :-*
* वरण करने योग्य हिंदी में, बिना अनुवाद या व्याख्या जोड़े, केवल संस्कृत वाक्य और उनका सीधा हिंदी अनुवाद :-* Gv 1. *अजीर्णे भोजनं विषम् ।* यदि पहले लिया गया भोजन नहीं पचा है तो अगला भोजन विष के समान है। 2. *अर्धरोगहरी निद्रा ।* अच्छी नींद आधे रोगों को हर लेती है। 3. *मुद्गदाली गदव्याली ।* सभी दालों में मूंग श्रेष्ठ है, यह रोगों को हरती है। 5. *अति सर्वत्र वर्जयेत्।* हर चीज़ की अति वर्जनीय है। 6. *नास्ति मूलमनौषधम् ।* कोई भी सब्ज़ी ऐसी नहीं है जो औषधि न हो। 7. *न वैद्यः प्रभुरायुषः ।* कोई वैद्य (डॉक्टर) आयु का स्वामी नहीं है। 8. *चिंता व्याधि प्रकाशाय ।* चिंता रोगों को बढ़ाती है। 9. *व्यायामश्च शनैः शनैः।* व्यायाम धीरे-धीरे करना चाहिए। 10. *अजवत् चर्वणं कुर्यात् ।* बकरी की तरह चबा-चबाकर खाना चाहिए। 11. *स्नानं नाम मनःप्रसाधनकरंदुः स्वप्न-विध्वंसनम् ।* स्नान मन को प्रसन्न करता है और बुरे स्वप्नों को मिटाता है। 12. *न स्नानमाचरेद् भुक्त्वा।* भोजन के तुरंत बाद स्नान नहीं करना चाहिए। 13. *नास्ति मेघसमं तोयम् ।* बारिश के समान शुद्ध जल कोई नहीं। 14. *अजीर्णे भेषजं वारि ।* अजीर्ण में जल औषधि के...