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आज का सन्देश.......

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* आज का सन्देश..................*            *सब कुछ ठीक होने की उम्मीद में इंसान कितना कुछ सह लेता है। जिनका समय अनुकूल होगा, वो उग ही आयेंगे आप चाहे जितने जतन कर लो, प्रकृति खुद देती है। बहुत कुछ इकट्ठा करना पड़ता है जीवन में खुशी के लिए, ऐसा हम लोग कहते हैं।*            *हकीकत में बहुत कुछ छोड़ना पड़ता है खुशी के लिए, ऐसा अनुभव कहता है। कुछ रिश्ते बातों से नहीं, एहसास से जीते है, जिसके एहसास सच्चे होते हैं, उसे कभी समझाने की ज़रूरत नहीं पड़ती। हालात और निर्णय का संबंध गहरा होता है, बहुत से हालात निर्णय के कारण होते हैं और बहुत से* *निर्णय-हालात के कारण लिये जाते हैं।*            *बहुत तेज दिमाग चाहिये गलतियां निकालने के लिए, लेकिन एक सुंदर दिल होना चाहिए गलतियां कबूल करने के लिए। मन की संतुष्टी के लिए अच्छे काम करते रहना चाहिए लोग चाहें तारीफ करें न करें। कमियां तो लोग भगवान में भी तलाशते रहते हैं।*                         ...

विचार करना🙏

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🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚 अनमोल वचन          *     *दुआएं इकठ्ठी करने लग जाओ दोस्तों ये पक्का है यही साथ जाती है भक्ति एक के लिए बहुत से प्रेम करती है; और आसक्ति बहुत के लिए एक से प्रेम करती है। ईश्वर भक्त अपने को दीन और तुच्छ समझता है, वह किसी से अभिमान नहीं करता। तुम पवित्र तथा सर्वोपरि निष्ठावान बनो एक मुहूर्त के लिए भी भगवान् के प्रति अपनी आस्था न खोओ, इसी से तुम्हें प्रकाश दिखाई देगा।* 🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚 *कुछ लोग अकड़ की वजह से क़ीमती रिश्ते खो देते हैं..* *और कुछ लोग रिश्ते बचाते बचाते अपनी कदर खो देते हैं. 𝑰’𝒎 𝑯𝒂𝒑𝒑𝒊𝒆𝒔𝒕 𝑾𝒉𝒆𝒏 𝑰’𝒎 𝑵𝒐𝒕 𝑪𝒉𝒆𝒄𝒌𝒊𝒏𝒈 𝑾𝒉𝒐 𝑵𝒐𝒕𝒊𝒄𝒆𝒅, 𝑾𝒉𝒐 𝑨𝒑𝒑𝒓𝒐𝒗𝒆𝒅, 𝑶𝒓 𝑾𝒉𝒐 𝑼𝒏𝒅𝒆𝒓𝒔𝒕𝒐𝒐𝒅. 𝑳𝒊𝒇𝒆 𝑮𝒆𝒕𝒔 𝑸𝒖𝒊𝒆𝒕𝒆𝒓 𝑾𝒉𝒆𝒏 𝒀𝒐𝒖 𝑺𝒕𝒐𝒑 𝑷𝒆𝒓𝒇𝒐𝒓𝒎𝒊𝒏𝒈 𝑭𝒐𝒓 𝑶𝒕𝒉𝒆𝒓 𝑷𝒆𝒐𝒑𝒍𝒆. 🌹* *𝑮𝒐𝒐𝒅 𝑴𝒐𝒓𝒏𝒊𝒏𝒈*❣️ *𝑱𝒂𝒊 𝑺𝒉𝒓𝒆𝒆 𝑲𝒓𝒊𝒔𝒉𝒏𝒂*🤗

स्वाभिमान की स्त्री 🌼

🌼 शीर्षक — स्वाभिमान की स्त्री 🌼 एक ऐसी स्त्री बनना तुम— जिसकी चाल में संकोच नहीं, संस्कारों की गरिमा हो। 🌿 जिसकी आँखों में सपनों की रोशनी हो, और मन में ज्ञान का उजास हो। 📚✨ जिसकी हथेलियों में मेहनत की गरमी हो, पर हृदय में करुणा की नमी बनी रहे। 💫 जिसके शब्द किसी का मन न तोड़ें, और जिसकी ख़ामोशी भी सम्मान सिखा जाए। 🌸 जिसकी मुस्कान में आत्मविश्वास झलके, और जिसकी उपस्थिति किसी स्थान को अर्थ दे जाए। 🌙 क्योंकि सच्ची स्त्री वही है— जो वैभव से नहीं, अपने विचारों की ऊँचाई से पहचानी जाती है। ✨ शुभ प्रभात  राधे राधे

GO NOT TO THE TEMPLE 🌸— Rabindranath Tagore

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🌸 GO NOT TO THE TEMPLE 🌸 — Rabindranath Tagore ❀━━━━━━━━━━━━━━❀ Go not to the temple to put flowers upon the feet of God, First fill your own house with the fragrance of love and kindness. 🕯️ Go not to the temple to light candles before the altar of God, First remove the darkness of sin, pride and ego from your heart. 🙏 Go not to the temple to bow down your head in prayer, First learn to bow in humility before your fellowmen, and apologize to those you have wronged. 🤲 Go not to the temple to pray on bended knees, First bend down to lift someone who is down-trodden, and strengthen the young ones, not crush them. 💮 Go not to the temple to ask for forgiveness for your sins, First forgive from your heart those who have hurt you. ❀━━━━━━━━━━━━━━❀

स्वाभिमान की स्त्री 🌼

🌼 शीर्षक — स्वाभिमान की स्त्री 🌼 एक ऐसी स्त्री बनना तुम— जिसकी चाल में संकोच नहीं, संस्कारों की गरिमा हो। 🌿 जिसकी आँखों में सपनों की रोशनी हो, और मन में ज्ञान का उजास हो। 📚✨ जिसकी हथेलियों में मेहनत की गरमी हो, पर हृदय में करुणा की नमी बनी रहे। 💫 जिसके शब्द किसी का मन न तोड़ें, और जिसकी ख़ामोशी भी सम्मान सिखा जाए। 🌸 जिसकी मुस्कान में आत्मविश्वास झलके, और जिसकी उपस्थिति किसी स्थान को अर्थ दे जाए। 🌙 क्योंकि सच्ची स्त्री वही है— जो वैभव से नहीं, अपने विचारों की ऊँचाई से पहचानी जाती है। ✨ शुभ प्रभात  राधे राधे

मुकदमा...कुछ अलग

" अदालत में पहली बार ऐसा मुकदमा आया... जहाँ तीनों बेटे ज़मीन नहीं, अपने बूढ़े माँ-बाप को अपने साथ ले जाने की ज़िद कर रहे थे।" जिला न्यायालय का कमरा नंबर 7 लोगों से खचाखच भरा हुआ था। बाहर खड़े लोग एक-दूसरे से पूछ रहे थे— "किस बात का केस है?" किसी ने जवाब दिया— "सुना है तीनों बेटे लड़ रहे हैं..." एक आदमी हँसकर बोला— "फिर वही ज़मीन-जायदाद का झगड़ा होगा।" तभी कोर्ट का दरवाज़ा खुला। अंदर जो दृश्य था, उसने सबकी सोच बदल दी। कटघरे में कोई अपराधी नहीं खड़ा था। वहाँ बैठे थे सत्तर वर्षीय रामस्वरूप मिश्रा और उनकी पत्नी सरला देवी। दोनों की आँखों में आँसू थे। उनके सामने खड़े थे उनके तीनों बेटे— विनय, दीपक और मोहित। जज ने फाइल खोली और मुस्कुराकर पूछा— "तो बताइए... विवाद क्या है?" सबसे बड़े बेटे विनय ने हाथ जोड़कर कहा— "माननीय न्यायालय... मैं अपने माता-पिता को अपने साथ रखना चाहता हूँ।" जज ने दूसरे बेटे की ओर देखा। दीपक बोला— "नहीं साहब... पिछले दस साल से बड़े भैया ने सबसे ज़्यादा सेवा की है। अब मेरी बारी है। मैं उन्हें अपने घर ले जाना चा...

सी. राधाकृष्ण राव

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_ एकमात्र उदाहरण…_  सी. राधाकृष्ण राव 60 वर्ष की उम्र में सेवानिवृत्त हुए और अपनी बेटी व नाती-पोतों के साथ अमेरिका जाकर रहने लगे।  वहाँ 62 वर्ष की उम्र में पिट्सबर्ग विश्वविद्यालय में सांख्यिकी के प्रोफेसर बने और 70 वर्ष की उम्र में पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय में विभागाध्यक्ष बने।  75 वर्ष की उम्र में उन्हें अमेरिकी नागरिकता मिली।  82 वर्ष की उम्र में उन्हें विज्ञान का राष्ट्रीय पदक और व्हाइट हाउस सम्मान मिला। आज 102 वर्ष की उम्र में उन्हें सांख्यिकी का अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिला है।  भारत सरकार ने उन्हें पहले ही पद्मभूषण (1968) और पद्म विभूषण (2001) से सम्मानित किया है।  राव कहते हैं, _"भारत में रिटायरमेंट के बाद कोई पूछता नहीं। सहकर्मी भी विद्वता का नहीं बल्कि सत्ता का सम्मान करते हैं।"_  102 वर्ष की उम्र में उत्तम स्वास्थ्य के साथ नोबेल प्राप्त करना शायद पहला उदाहरण है। यह एक ऐसी घटना है जिसे हमें हमेशा याद रखना चाहिए।  _सेवानिवृत्त होने का मतलब निष्क्रिय हो जाना नहीं है। जीवन का नाम है आखिरी सांस तक पूरे उत्साह के साथ जीना।_...