Posts

Say Jai Hind With Happiness

Image
* ONGC Chairman Arun Kumar Singh Said:*  "Many people like me have been saying that if the Strait of Hormuz is blocked, India's economy will collapse. Not only people like me... I have also said it openly. But it is a miracle that India has not been affected even slightly by the closure of the Strait of Hormuz. The way India has handled such a huge geopolitical crisis with such ease is not only amazing. It is a miracle that the capable leadership of the Modi government has made it possible. In the future, it will not be surprising if the Modi government's handling of global crises becomes a case study and part of the curriculum in the world's best universities and business schools, as an example of how governments should handle such challenges."  Behind all this, Prime Minister Modi and External Affairs Minister Jaishankar have handled so many great things, from negotiating and signing agreements with the necessary countries at the global level to cont...

"देवता" बनें, मुक्त हस्त से दीजिए*

 *"देवता"  बनें, मुक्त हस्त से दीजिए* ➖➖➖➖‼️ ➖➖➖➖  👉 *"निःस्वार्थ भावना" से जीवन व्यतीत करने वाले के लिये संसार में निरुत्साह, पश्चात्ताप और दु:ख की कोई बात नहीं है।* आप जरा सी बात के आवेश में आकर लड़ने मरने पर उतारू मत हूजिये। *सद्भावना से "दिव्य दृष्टि" मिलती है।* जिसके हृदय में समस्त प्राणियों के प्रति सद्भावना भरी हुई है यथार्थ में वही दिव्य ज्ञान का अधिकारी है। *मनुष्यों में "देवता" वह है जो पवित्र है, निस्वार्थ है, प्रेमी है, त्यागी भाव है।* अपने तुच्छ शारीरिक स्वार्थों को परित्याग करने के उपरान्त जो सन्तोष प्राप्त होता है वह चक्रवर्ती राजा हो जाने के सुख से भी हजारों गुना अधिक है। *इसलिये आप "स्वार्थ" को त्यागने का अभ्यास आरम्भ कीजिये।* ज्ञान के द्वारा अपनी पाशविक कंजूस वृत्ति को काबू में लाने का प्रयत्न करिये। तुच्छ स्वार्थों के गुलाम बनने से इनकार कर दीजिये। *नम्रता, भलमनसाहत, क्षमा, दया, प्रेम और त्याग भावना को अन्दर धारण करने से हृदय में शाश्वत शान्ति का आविर्भाव होता है।* स्वार्थ रहित प्रेम के इस महान नियम में अपने को केन्द...

जय सनातन धर्म 🙏

आपके द्वारा किसी का अहित नहीं होना चाहिये। दूसरे के अहित की बात सोचना पारमार्थिक मार्ग में बड़ी भारी बाधा है। यह दूसरे का नुकसान नहीं है, प्रत्युत अपना नुकसान है। दूसरे का नुकसान तो उतना ही होगा, जितना उसके प्रारब्ध में है, पर अपना नुकसान नया होगा। दूसरे के नुकसान में उसके पाप नष्ट होंगे, जिससे उसका हित होगा; परन्तु हमारा नया कर्म ( पाप ) बनेगा, जिससे हमारा अहित होगा। इसलिये वास्तव में अहित उसी का होता है, जो दूसरे का अहित करता है। अगर आप अपना जीवन शुद्ध, निर्मल बनाना चाहते हैं तो किसी का भी बुरा न करें। बुराई न करना भलाई का बीज है। बुराई छोड़ने मात्र से आप भले हो जाओगे। एक गहरी बात है कि ‘करने’ में तो परिश्रम होता है, पर ‘न करने’ में परिश्रम नहीं होता। भला करने में तो परिश्रम है, पर किसी का बुरा न करने में कोई परिश्रम नहीं है। करने की अपेक्षा न करना सुगम होता है। न करने में न तो परिश्रम होता है, न पैसे खर्च होते हैं। किसी का बुरा करना, किसी का बुरा चाहना और किसी को बुरा समझना‒ये तीन बातें आप बिल्कुल न करें। केवल यह सावधानी रखनी है कि हमारे से किसी का अहित न हो जाय। किसी का भी बिगाड़ होता...

चौंकाने वाला सर्वे रिपोर्ट*

Image
* खतरनाक चिंताजनक चौंकाने वाला सर्वे रिपोर्ट* * कुंवारेपन का विस्फोट, समाज अंधी दौड़ में कहाँ पहुँच रहा है ? सोचिए ज़रा । अब वक्त आ गया है कि चीज़ों को मीठे शब्दों में कहना बंद किया जाए। * दुनिया जिस महिला आज़ादी की जय-जयकार कर रही है, वही आज़ादी धीरे-धीरे *परिवार, रिश्तों, और सामाजिक संतुलन, सब कुछ निगलने लगी है।*  *अंतरराष्ट्रीय सर्वे कहता है कि आने वाले कुछ वर्षों में युवतियों में 45% तक विवाह से दूरी बना सकती हैं। पहली नज़र में यह प्रगति लगती है, पर असल में यह भविष्य के लिए एक टाइम-बम है।* 1. कैरियर, पैसे और अकेलापन यह कैसी प्रगति ? आज की बेटी कलेक्टर डॉक्टर, इंजीनियर, सीए, टीचर उद्यमी, सब बन रही है। बहुत अच्छा। शानदार। पर क्या कैरियर पूरा जीवन है ? 2. जरा सोचे. पैसा साथी नहीं बनता। पद वृद्धावस्था में हाथ नहीं पकड़ता। मोबाइल और लैपटॉप बुढ़ापे में बात नहीं करते। लेकिन समाज को इस सच्चाई से फर्क नहीं पड़ता, सबको दौड़ लगानी है। 3. परिवार ढह रहे हैं कोई देख भी रहा है ? 4. कुँवारे लड़के बढ़ रहे हैं, अविवाहित युवतियाँ बढ़ रही हैं, जनसंख्या गिर रही है, और अकेलेपन उद्योग (co...

WhatsApp forward

श्रीकृष्ण गीता में जब कहते हैं कि "मैं वेदों में सामवेद हूं" तो वो ये भी कहते हैं कि हिंदू धर्म "गायन विधा" का धर्म है।  श्रीकृष्ण गीता में जब कहते हैं कि "मैं धन का स्वामी कुबेर हूं" तो वो ये भी कहते हैं कि हिंदू धर्म "ऐश्वर्य और समृद्धि" का धर्म है। श्रीकृष्ण गीता में जब कहते हैं कि "कवियों में शुक्राचार्य कवि मैं ही हूं" तो वो ये भी कहते हैं कि हिंदू धर्म "काव्य" का धर्म है। श्रीकृष्ण गीता में जब कहते हैं कि "मैं स्त्रियों में कीर्ति, श्री, वाक, मेधा, धृति और क्षमा हूं" तो ये भी कहते हैं कि हिंदू धर्म "नारी" को सर्वोपरि मानने का धर्म है। श्रीकृष्ण गीता में जब कहते हैं कि "मैं ऋतुओं में वसंत हूं" तो ये भी कहते हैं कि हिंदू धर्म आनंद और उल्लास का धर्म है। श्रीकृष्ण गीता में जब कहते हैं कि "मैं जीतने वालों का विजय हूं" तो वो ये भी कहते हैं कि हिंदू धर्म केवल "विजय श्री" का वरण करने वालों का धर्म है पराजित होकर आंसू बहाने वालों का नहीं। श्रीकृष्ण गीता में जब कहते हैं कि "मै...

Real Love

❤️ SEVEN TIMES IN LOVE… WITH THE SAME WOMAN ❤️ The grandson asked his 80 year old grandfather: “Grandpa… How could you love the same woman for 60 years?” The grandson expected answers like: “You need understanding…” “You must communicate openly…” “You have to compromise and adjust…” But Grandpa smiled, looked at Grandma for a moment, and said: “Who told you that I loved the same woman for 60 years?” The grandson was surprised. Grandpa continued… “At 20, I fell in love with her beauty and her lively spirit. That was my FIRST LOVE. ❤️ At 30, she became a mother. I fell in love with the woman who stayed awake through the night, gently rocking our baby to sleep. That was my SECOND LOVE. ❤️ At 40, I fell in love with the brave woman who carried the burdens of our family with a smile. That was my THIRD LOVE. ❤️ At 50, I fell in love with the woman who sacrificed her own dreams and desires for the future of our children. That was my FOURTH LOVE. ❤️ At 60, wrinkles had appeared on her face, bu...