Posts

हर हर महादेव। जय श्री कृष्ण। 🙏🏻

कल्पना कीजिए एक ऐसे असुर की जिसके एक-दो नहीं बल्कि पूरे हजार हाथ थे। जिसकी शक्ति के सामने बड़े-बड़े देवता भी कांप उठते थे। जिसकी राजधानी के द्वार पर स्वयं भगवान शिव पहरा देते थे। और जिसकी पुत्री की एक प्रेम कहानी ने ऐसा तूफान खड़ा कर दिया कि भगवान श्री कृष्ण और महादेव को युद्धभूमि में आमने-सामने खड़ा होना पड़ा। यह कथा है महान असुरराज बाणासुर की, जो केवल अपनी शक्ति के लिए ही नहीं बल्कि अपनी भक्ति और अपने अहंकार दोनों के लिए प्रसिद्ध था। प्राचीन काल में असुरों के महान राजा महाबली का एक पराक्रमी पुत्र था—बाणासुर। वह भक्त प्रह्लाद के वंश का गौरव था। बचपन से ही उसका मन भगवान शिव की भक्ति में रमा रहता था। उसने वर्षों तक कठोर तपस्या की। बर्फीले पर्वतों में खड़े होकर, अग्नि के बीच बैठकर और भोजन त्यागकर उसने महादेव को प्रसन्न किया। अंततः उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव उसके सामने प्रकट हुए। बाणासुर ने हाथ जोड़कर कहा, "प्रभु, मुझे ऐसा वरदान दीजिए कि संसार की कोई शक्ति मेरे राज्य को पराजित न कर सके।" महादेव मुस्कुराए और बोले, "वत्स, मैं स्वयं तुम्हारे राज्य की रक्षा करूंगा। जब...