Posts

स्वाभिमान की स्त्री 🌼

🌼 शीर्षक — स्वाभिमान की स्त्री 🌼 एक ऐसी स्त्री बनना तुम— जिसकी चाल में संकोच नहीं, संस्कारों की गरिमा हो। 🌿 जिसकी आँखों में सपनों की रोशनी हो, और मन में ज्ञान का उजास हो। 📚✨ जिसकी हथेलियों में मेहनत की गरमी हो, पर हृदय में करुणा की नमी बनी रहे। 💫 जिसके शब्द किसी का मन न तोड़ें, और जिसकी ख़ामोशी भी सम्मान सिखा जाए। 🌸 जिसकी मुस्कान में आत्मविश्वास झलके, और जिसकी उपस्थिति किसी स्थान को अर्थ दे जाए। 🌙 क्योंकि सच्ची स्त्री वही है— जो वैभव से नहीं, अपने विचारों की ऊँचाई से पहचानी जाती है। ✨ शुभ प्रभात  राधे राधे

GO NOT TO THE TEMPLE 🌸— Rabindranath Tagore

Image
🌸 GO NOT TO THE TEMPLE 🌸 — Rabindranath Tagore ❀━━━━━━━━━━━━━━❀ Go not to the temple to put flowers upon the feet of God, First fill your own house with the fragrance of love and kindness. 🕯️ Go not to the temple to light candles before the altar of God, First remove the darkness of sin, pride and ego from your heart. 🙏 Go not to the temple to bow down your head in prayer, First learn to bow in humility before your fellowmen, and apologize to those you have wronged. 🤲 Go not to the temple to pray on bended knees, First bend down to lift someone who is down-trodden, and strengthen the young ones, not crush them. 💮 Go not to the temple to ask for forgiveness for your sins, First forgive from your heart those who have hurt you. ❀━━━━━━━━━━━━━━❀

स्वाभिमान की स्त्री 🌼

🌼 शीर्षक — स्वाभिमान की स्त्री 🌼 एक ऐसी स्त्री बनना तुम— जिसकी चाल में संकोच नहीं, संस्कारों की गरिमा हो। 🌿 जिसकी आँखों में सपनों की रोशनी हो, और मन में ज्ञान का उजास हो। 📚✨ जिसकी हथेलियों में मेहनत की गरमी हो, पर हृदय में करुणा की नमी बनी रहे। 💫 जिसके शब्द किसी का मन न तोड़ें, और जिसकी ख़ामोशी भी सम्मान सिखा जाए। 🌸 जिसकी मुस्कान में आत्मविश्वास झलके, और जिसकी उपस्थिति किसी स्थान को अर्थ दे जाए। 🌙 क्योंकि सच्ची स्त्री वही है— जो वैभव से नहीं, अपने विचारों की ऊँचाई से पहचानी जाती है। ✨ शुभ प्रभात  राधे राधे

मुकदमा...कुछ अलग

" अदालत में पहली बार ऐसा मुकदमा आया... जहाँ तीनों बेटे ज़मीन नहीं, अपने बूढ़े माँ-बाप को अपने साथ ले जाने की ज़िद कर रहे थे।" जिला न्यायालय का कमरा नंबर 7 लोगों से खचाखच भरा हुआ था। बाहर खड़े लोग एक-दूसरे से पूछ रहे थे— "किस बात का केस है?" किसी ने जवाब दिया— "सुना है तीनों बेटे लड़ रहे हैं..." एक आदमी हँसकर बोला— "फिर वही ज़मीन-जायदाद का झगड़ा होगा।" तभी कोर्ट का दरवाज़ा खुला। अंदर जो दृश्य था, उसने सबकी सोच बदल दी। कटघरे में कोई अपराधी नहीं खड़ा था। वहाँ बैठे थे सत्तर वर्षीय रामस्वरूप मिश्रा और उनकी पत्नी सरला देवी। दोनों की आँखों में आँसू थे। उनके सामने खड़े थे उनके तीनों बेटे— विनय, दीपक और मोहित। जज ने फाइल खोली और मुस्कुराकर पूछा— "तो बताइए... विवाद क्या है?" सबसे बड़े बेटे विनय ने हाथ जोड़कर कहा— "माननीय न्यायालय... मैं अपने माता-पिता को अपने साथ रखना चाहता हूँ।" जज ने दूसरे बेटे की ओर देखा। दीपक बोला— "नहीं साहब... पिछले दस साल से बड़े भैया ने सबसे ज़्यादा सेवा की है। अब मेरी बारी है। मैं उन्हें अपने घर ले जाना चा...

सी. राधाकृष्ण राव

Image
_ एकमात्र उदाहरण…_  सी. राधाकृष्ण राव 60 वर्ष की उम्र में सेवानिवृत्त हुए और अपनी बेटी व नाती-पोतों के साथ अमेरिका जाकर रहने लगे।  वहाँ 62 वर्ष की उम्र में पिट्सबर्ग विश्वविद्यालय में सांख्यिकी के प्रोफेसर बने और 70 वर्ष की उम्र में पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय में विभागाध्यक्ष बने।  75 वर्ष की उम्र में उन्हें अमेरिकी नागरिकता मिली।  82 वर्ष की उम्र में उन्हें विज्ञान का राष्ट्रीय पदक और व्हाइट हाउस सम्मान मिला। आज 102 वर्ष की उम्र में उन्हें सांख्यिकी का अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिला है।  भारत सरकार ने उन्हें पहले ही पद्मभूषण (1968) और पद्म विभूषण (2001) से सम्मानित किया है।  राव कहते हैं, _"भारत में रिटायरमेंट के बाद कोई पूछता नहीं। सहकर्मी भी विद्वता का नहीं बल्कि सत्ता का सम्मान करते हैं।"_  102 वर्ष की उम्र में उत्तम स्वास्थ्य के साथ नोबेल प्राप्त करना शायद पहला उदाहरण है। यह एक ऐसी घटना है जिसे हमें हमेशा याद रखना चाहिए।  _सेवानिवृत्त होने का मतलब निष्क्रिय हो जाना नहीं है। जीवन का नाम है आखिरी सांस तक पूरे उत्साह के साथ जीना।_...

रिटायर्ड लोगों के लिए*

यह रिटायरमेंट के बाद खुशहाल और हेल्दी ज़िंदगी के लिए 36 सुझावों की लिस्ट है। यह एक जानी-मानी कंपनी के HR डिपार्टमेंट का सर्कुलेशन है। 1. अकेले ट्रैवल करने से बचें। 2. अपने जीवनसाथी के साथ ट्रैवल करें। 3. पीक आवर्स में बाहर जाने से बचें। 4. बहुत ज़्यादा एक्सरसाइज़ या वॉकिंग से बचें। 5. बहुत ज़्यादा पढ़ने, मोबाइल इस्तेमाल करने या TV देखने से बचें। 6. ज़्यादा दवाएँ लेने से बचें। 7. समय पर डॉक्टर के पास जाएँ और रेगुलर दवाएँ लें। 8. रिटायरमेंट के बाद प्रॉपर्टी डीलिंग से बचें। 9. हमेशा अपनी ID और ज़रूरी फ़ोन नंबर साथ रखें। 10. बीती बातों को भूल जाएँ और भविष्य की ज़्यादा चिंता न करें। 11. वही खाएँ जो आपको ठीक लगे, और धीरे-धीरे चबाएँ। 12. बाथरूम और टॉयलेट में सावधान रहें। 13. स्मोकिंग और शराब पीने से बचें, ये नुकसानदायक हैं। 14. अपनी अचीवमेंट्स के बारे में शेखी न बघारें।  15. रिटायरमेंट के बाद कुछ सालों तक खूब घूमें, फिर भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचें। 16. अपनी प्रॉपर्टी और एसेट्स के बारे में दूसरों से बात न करें। 17. अपनी कैपेसिटी और हेल्थ के हिसाब से एक्सरसाइज करें। 18. अगर आपको हाई BP या ...

राजस्थानी गणेश जी🙏

Image
राजस्थान की राजधानी जयपुर में अरावली की नाहरगढ़ पहाड़ी पर स्थित गढ़ गणेश मंदिर अपनी अनूठी परंपरा और इतिहास के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। इस मंदिर की स्थापना और बिना सूंड वाले गणेश जी का इतिहास जयपुर शहर की स्थापना से सीधे जुड़ा हुआ है: 18वीं शताब्दी (वर्ष 1730 के आसपास) में जयपुर के संस्थापक महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय ने 'अश्वमेध यज्ञ' का आयोजन कराया था। यज्ञ के पूरा होने के बाद, जयपुर (जैनगर) की स्थापना से पूर्व उन्होंने इस मंदिर की नींव रखी। शास्त्रों और मान्यताओं के अनुसार, भगवान गणेश का जन्म माता पार्वती के उबटन से हुआ था और शुरुआत में वह एक सामान्य मानव शिशु (बाल स्वरूप) के रूप में थे, जिनकी सूंड नहीं थी। महाराजा सवाई जयसिंह ने मंदिर में गणेश जी के इसी 'बाल गणेश' (विनायक) रूप को प्रतिष्ठित करवाया। बालक रूप होने के कारण इस प्रतिमा में सूंड नहीं है।  मंदिर को अरावली की सबसे ऊंची पहाड़ियों में से एक पर इस प्रकार बनाया गया कि बालक गणेश पूरे जयपुर शहर पर अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखें। सिटी पैलेस (राजमहल) की ऊपरी मंजिलों और चंद्र महल से दूरबीन या नंगी आंखों ...