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Louis Philippe, Van Heusen, Allen Solly, Peter England, Park Avenue, Reid & Taylor, Monte Carlo, Da Milano You will think these are American or British brands that came to India. In reality, they never existed outside India. They were stitched in Bangalore, Ludhiana, or Mumbai, by an Indian owner, who gave them a western name because Indians would not buy if it was called "Ramesh Textiles." This is the biggest con in Indian fashion, and also the biggest success story. 1. Why western name? After 1990 liberalization, two things happened: 1. Foreign brands were not allowed easily till 2005. But Indian middle class wanted to look foreign. 2. Indian consumer had deep inferiority — "Kapda angrez ka accha hota hai." If same shirt says "Peter England" vs "Gopal Shirt", people will pay Rs 2000 for first, Rs 400 for second, even if same factory. So industrialists created fake foreign brands. It's called "Foreign Branding Strategy." Aditya...

शरद पूर्णिमा पर विशेष आलेख

शरद पूर्णिमा पर विशेष आलेख शरद की हंसी: जगमग जगमग मधुर चांदनी   सम्मोहित करती, जादू सा जगाती कितनी खूबसूरत होती है चांदनी रात,,,,, उसमें भी शरद पूर्णिमा की ।जब चंद्रमा,,, अपनी 16 कलाओं से पूर्ण  और उसकी किरणों में अमृत ।  धरती से लेकर नील गगन तक को अपने आगोश में लपेटी हुई शांत स्निग्ध ज्योत्सना  का क्या कहना,,,,! सारे परिवेश में अद्भुत अलौकिक सौंदर्य  बिखेरती कोमल कांत भावों को जगाती ,सुमधुर  कल्पनाओं का जाल बुनती, फेंटेसी रचती चांदनी प्रकृति की अनुपम भेंट है वैसे ही जैसे-- संगीत-महानतम सौगात।  "नीले नभ के शतदल पर वह बैठी शारद-हासिनि मृदु करतल पर शशि-मुख धर नीरव और अनिमिष एकाकिनी।" -----'चांदनी':सुमित्रानंदन पंत प्रकृति कवि पंत जी की' नौका विहार 'कविता हो या 'वह विजन चांदनी की घाटी' हो या 'शरद चांदनी' अथवा जयशंकर प्रसाद के 'कामायनी' महाकाव्य का 'आनंद 'सर्ग हो या  निराला और महादेवी की कविताएं ,,,,,,,सब में चांदनी नाना रूपों में मोहक प्रभाव डालती है । पर इन सबके बावजूद यह कहना पड़ता है कि राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की पंचवटी की ये...

प्रेम से कहिये जय श्री राधे ║🌹🙏

*अति सुंदर अवश्य पढ़ें*     💠 *स्वर्ग* में सब कुछ हैं लेकिन *मौत* नहीं है,  *गीता* में सब कुछ हैं लेकिन *झूठ* नहीं है,  *दुनिया* में सब कुछ हैं लेकिन किसी को *सुकून* नहीं है,                    और  आज के *इंसान* में सब कुछ हैं लेकिन *सब्र* नहीं है। *राजा भोज* ने *कवि कालीदास* से *दस सर्वश्रेष्ठ* सवाल किए.. 1- दुनिया में भगवान की *सर्वश्रेष्ठ रचना* क्या है ?                          उत्तर - *''मां''* 2 - सर्वश्रेष्ठ *फूल* कौन सा है ?                          उत्तर - *"कपास का फूल"* 3 - सर्वश्र॓ष्ठ *सुगंध* कौनसी है ?           उत्तर - *वर्षा से भीगी मिट्टी की सुगंध* 4 - सर्वश्र॓ष्ठ *मिठास* कौनसी ?                         उत्तर - *"वाणी की"* 5 - सर्वश्रेष्ठ *दूध* ?           ...

We proud on Master अमीरचंद💪💪

:* Can A Father Be So Heartless As To Refuse To Even Recognize His Dead Son's Body ?* It sounds strange and very bitter to hear... but knowing the reason behind what happened in a Delhi jail on May 8, 1915, will make your hair stand on end and your eyes well up with tears.   Let's learn in today's edition of Knowledge Adda about the story of an anonymous revolutionary who risked everything for the country.   The story is from 1912. *Master Amirchand* was a teacher at a school in Delhi. He was deeply involved in the country's freedom struggle. The British captured him and his young son and put them in jail.   The British tortured their son so much in jail that he died in his own room.   The British officer was very cunning. He took *Master Amirchand* to his son's body and said,   "Just say once with your mouth that this is your son, and I will allow you to burn him."   A piece of his liver was lying there, exposed. If any father...

विजयादशमी* 🙏

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* विजयादशमी*             *एको देवो रामचन्द्रो व्रतमेकं तदर्चनम्* *मन्त्रोप्येकश्च तन्नाम शास्त्रं तद्धयेव तत्स्तुति* शारदीय नवरात्रों में आज शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयादशमी दशहरा मनाये जाने की परम्परा है। आज पूरे देश में इस दिन को त्यौहार के रुप में मनाया जाता है। भगवान श्रीराम ने इसी तिथि को लंका के राजा रावण का उद्धार वध किया गया था। *इसलिये विजयादशमी को असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई एवं अधर्म पर धर्म की विजय के रुप में मनाया जाता है।* यह भी माना जाता है कि भगवान श्री राम जी ने भी आदिशक्ति माँ दुर्गा की पूजा अर्चना कर शक्ति की उपासना की थी। *बिबसहुँ जासु नाम नर कहहीं* *जनम अनेक रचित अघ दहहीं* *सादर सुमिरन जे नर करहीं* *भव बारिधि गोपद इव तरहीं* जो भी मनुष्य आदर पूर्वक भगवान श्री राम का स्मरण करते हैँ, उनका हर प्रकार से मंगल ही होता है। मर्यादित भगवान श्री राम हर प्रकार से वंदनीय है और इस सृष्टि में *एक ही देवता हैं श्री राम और एक ही व्रत है उनका पूजन तथा एक ही मन्त्र है राम का नाम एवं एक ही शास्त्र है उनकी स्तुति।* विजयादशमी के दिन...

विजयादशमी की दिन बधाई🙏

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प्रिय आत्मीय जन,  आप सभी को विजयादशमी की हार्दिक हार्दिक शुभकामनाएं🙏 प्रभु श्री राम व माता रानी की कृपा से आपके परिवार में सुख, शांति व समृद्धि बनी रहे🚩🙏 विजयादशमी की दिन बधाई🙏 😍मेरी दोस्ती मेरा प्यार😍 गुण मिलने पर शादी होती है और अवगुण मिलने पर दोस्ती, दोस्तों के बिना सारा जीवन अधूरा है। शर्ते नहीं लगाई जाती है दोस्तों के साथ, दोस्त स्वीकार होते हैं हर छोटी कमी के साथ। जिस दोस्ती को खरीद न सकोगे देकर दुनिया सारी, बस प्रेम के दो मीठे बोल से खरीद लो दोस्ती हमारी, जहां इलाज संभव नहीं दवा,सुई और औजारों से, वहां दोस्त इलाज कर देते हैं ठहाकों  की अधर्म पर धर्म की जीत, अन्याय पर न्याय की विजय और बुराई पर अच्छाई का प्रतीक यह पावन पर्व आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए। आपको और आपके परिवार को विजयादशमी और दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएँ! सादर...बौछारों से। हसना और हसाना है  फितरत हमारी, आप सभी खुश रहें ये चाहत है मेरी। मुझे भले ही सब याद करें न करें, सभी अपनों को याद करने की आदत है मेरी। आपसे न हो दर्शन या न हो वार्तालाप, आप सभी मेरे दिल में रहते हैं,वही म...

भारत की असली स्थिति

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महानगरों में रह रहे जॉब वाले दम्पतियों के बच्चे कोई लेफ्टिस्ट बन रहे, कोई समलैंगिक बन रहे, कोई LGBT एक्टिविस्ट बन रहे यह वो बच्चे हैं जो कॉलेज लाइफ़ में वोदका और चरस का सेवन सीख चुके हैं..।  स्कूल बैग के अंदर वेप (ई सिगरेट) मिल रही है इनके इन बच्चों का परिवार या घर में कोई विश्वास नहीं है ना ही ये शादी करके परिवार बढ़ाएंगे ना ही यह अपने बूढ़े मां बाप के पास रहेंगे कॉलेज में ब्रेनवॉशड इन बच्चों की ही जिद्द और बदतमीजियो के कारण इनके मां बाप दूसरे रिश्तेदारों से भी कट चुके हैं जब इनके बूढ़े मां बाप मरेंगे यह लेफ्टिस्ट संतानें उनका विधिवत संस्कार तक नहीं करेगी श्राद्ध तो दूर की बात है बड़े शहरों में पैसा कमाने में व्यस्त दंपति ने ये बच्चे पैदा अवश्य किए हैं, पर यह काम आएंगे कम्युनिस्ट लॉबी के यह ताउम्र सिंगल रह जाएंगे और आंदोलनजीवियों द्वारा जंतर मंतर या दिल्ली में रखे धरने प्रदर्शनों में जाने के काम आयेंगे  बीमार पड़े मां बाप के नहीं आज जो 55-60 के हो चले हैं उन्हें कोई पानी पिलाने वाला नहीं होगा ये जितने भी कम्युनिस्ट आज 60-70 वर्ष की उम्र वाले हैं, इनके पारिवारिक बै...