Posts

_*सी.आय.डी.*_

Image
* _*सी.आय.डी.*_ 30 जुलाई 1956 निर्माता- गुरू दत्त निर्देशक- राज खोसला गीत- मजरूह सुल्तानपुरी, जान निसार अख्तर (JNA) संगीत- ओ पी नय्यर कलाकार- देव आनंद, शकीला, वहीदा रहमान, के एन सिंह, जॉनी वाकर, कुमकुम, महमूद, मीनू मुमताज, टुन टुन, बिर सखूजा, शिला वाज, जगदीश राज                                गुरू दत्त ने इस फ़िल्म से हिन्दी सिनेमा को वहीदा रहमान दी.. वहीदा रहमान की ये डेब्यू हिन्दी फिल्म थी.. इससे पहले उन्होंने तेलुगू और तमिल फिल्मों में काम किया था.. गुरु दत्त ने वहीदा रहमान की अदाकारी से प्रभावित हो उन्हें "प्यासा" में मुख्य भूमिका अदा की.. "सी आय डी" की मुख्य भूमिका शकीला ने निभाई थी लेकिन वहीदा रहमान का रोल भी बहोत अहम था.. वहीदा रहमान का नृत्य भी दर्शनीय रहा जिसे ज़ोहरा सैगल ने निर्देशित किया.. एक तेलुगू फिल्म के गीत में नृत्य करती वहीदा रहमान को गुरु दत्त ने देखा और उन्हें वो बहोत पसंद आई.. उन्होंने वहीदा को मुंबई आने के लिए कहा.. मुंबई आने के बाद वहीदा रहमान का स्क्रीन टेस्ट हुआ जिसमें वो क...

क्या आप को पता है?

* शायद ही कुछ गिने चुने हिंदुओं को पता होगा....* *काशी में मणिकर्णिका घाट पर चिता जब शांत हो जाती है तब मुखाग्नि देने वाला व्यक्ति चिता भस्म पर 94 लिखता है।* *यह सभी को नहीं मालूम है।* *खांटी बनारसी लोग या अगल बगल के लोग ही इस परम्परा को जानते हैं। बाहर से आये शवदाहक जन इस बात को नहीं जानते।* *जीवन के शतपथ होते हैं।* *100 शुभ कर्मों को करने वाला व्यक्ति मरने के बाद उसी के आधार पर अगला जीवन शुभ या अशुभ प्राप्त करता है।* *94 कर्म मनुष्य के अधीन हैं। वह इन्हें करने में समर्थ है पर 6 कर्म का परिणाम ब्रह्मा जी के अधीन होता है।* *हानि-लाभ, जीवन-मरण, यश- अपयश ये 6 कर्म विधि के नियंत्रण में होते हैं।* *अतः आज चिता के साथ ही तुम्हारे 94 कर्म भस्म हो गये।* *आगे के 6 कर्म अब तुम्हारे लिए नया जीवन सृजित करेंगे।* *अतः 100 - 6 = 94 लिखा जाता है।* *गीता में भी प्रतिपादित है कि मृत्यु के बाद मन अपने साथ 5 ज्ञानेन्द्रियों को लेकर जाता है।* *यह संख्या 6 होती है। मन और पांच ज्ञान इन्द्रियाँ।* *अगला जन्म किस देश में कहाँ और किन लोगों के बीच होगा यह प्रकृति के अतिरिक्त किसी को ज्ञात नहीं होता है।* *अतः 94 ...

माघ पूर्णिमा का स्नान 🙏

Image
* माघ पूर्णिमा का स्नान - जल, तप और शुद्धि का महापर्व* माघ मास की पूर्णिमा को किया गया पवित्र स्नान सनातन परंपरा में आत्मशुद्धि और पुण्य का विशेष अवसर माना गया है. गंगा, यमुना, सरस्वती तथा अन्य पावन नदियों में इस दिन स्नान कर श्रद्धालु तप, दान और संयम का संकल्प लेते हैं. आस्था है कि माघ पूर्णिमा पर स्नान से मन, वाणी और कर्म की शुद्धि होती है.  यह वही काल है जब माघ मेला अपने उत्कर्ष पर होता है और साधु-संत, कल्पवासी तथा गृहस्थ एक साथ धर्माचरण करते हैं. शीतल जल में किया गया यह स्नान धैर्य, तप और प्रकृति के साथ तादात्म्य का प्रतीक है. *मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🚩* 🌸 श्री कृष्ण कहते हैं 🌸 प्रेम हो या मित्रता, हमेशा निःस्वार्थ होकर निभाना… क्योंकि कोई देखे या न देखे, ईश्वर सब देखते हैं। ✨ सच्चे संबंध कर्म से नहीं, भावना से निभाए जाते हैं। 💫 🙏✨ जय श्री कृष्ण ✨🙏

उल्टी यात्रा

फ्री होकर प्यार से पढना आनंद आएगा            उल्टी यात्रा 2025 से 1960 से 1970 के दशक अर्थात बचपन की तरफ़ जो  50 /60 को पार कर गये हैं या करीब हैं उनके लिए यह खास है🙏🏻🙏🏻🙏🏻 मेरा मानना है कि दुनिया में ‌जितना बदलाव हमारी पीढ़ी ने देखा है हमारे बाद की किसी पीढ़ी को "शायद ही " इतने बदलाव देख पाना संभव हो 🤔🤔 हमने बिजली को DC से AC होते हुए देखा है। बड़े बड़े भारी पंखे वह बल्ब देखें हैं। हम वो आखिरी पीढ़ी हैं जिसने बैलगाड़ी से लेकर सुपर सोनिक जेट देखे हैं। बैरंग ख़त से लेकर लाइव चैटिंग तक देखा है और "वर्चुअल मीटिंग जैसी" असंभव लगने वाली बहुत सी बातों को सम्भव होते हुए देखा है। 🙏🏻 हम वो पीढ़ी हैं   जिन्होंने कई-कई बार मिटटी के घरों में बैठ कर परियों और राजाओं की कहानियां सुनीं हैं। ज़मीन पर बैठकर खाना खाया है। प्लेट में डाल डाल कर चाय पी है। 🙏 हम  वो " लोग " हैं ?*l जिन्होंने बचपन में मोहल्ले के मैदानों में अपने दोस्तों के साथ पम्परागत खेल, गिल्ली-डंडा, छुपा-छिपी, खो-खो, कबड्डी, कंचे जैसे खेल , खेले हैं । 🙏हम आखरी पीढ़ी  के वो लोग हैं ...

एक महिला होना अनमोल है।🙏

* एक औरत की खुशबू!* यह उन सबसे अच्छे आर्टिकल्स में से एक है जो मैंने एक औरत के बारे में पढ़े हैं। कृपया इसे पूरा पढ़ें। यह निश्चित रूप से पढ़ने लायक है। *औरत...* जब भगवान ने औरत को बनाया, तो वह शुक्रवार को देर रात तक काम कर रहे थे।... तभी एक फ़रिश्ते ने पूछा, “इतना समय क्यों लग रहा है?” भगवान ने कहा, “क्या तुमने देखा है कि उसे बनाने के लिए मुझे कितनी शर्तें पूरी करनी हैं?” ● उसे सभी परिस्थितियों में काम करने में सक्षम होना चाहिए। ● उसे एक साथ कई बच्चों की देखभाल करने में सक्षम होना चाहिए। ● उसका आलिंगन सब कुछ ठीक करने में सक्षम होना चाहिए - घुटने की खरोंच से लेकर टूटे दिल तक। ● और उसे यह सब सिर्फ़ दो हाथों से करना है। ● बीमार होने पर भी वह खुद को संभाल लेती है और दिन में 18 घंटे काम कर सकती है। फ़रिश्ता हैरान रह गया, “सिर्फ़ दो हाथ? असंभव!” “और यह सामान्य डिज़ाइन है?” फ़रिश्ता औरत के पास गया और उसे छुआ। “प्रभु, आपने उसे बहुत नरम बनाया है।” भगवान ने कहा, “वह नरम है, लेकिन मैंने उसे बहुत मज़बूत बनाया है। तुम्हें अंदाज़ा नहीं है कि वह कितना सह सकती है और कितनी मुश्किलों का सामना कर सकती ह...

एक औरत की ज़िन्दगी 🥲

Image
एक औरत की ज़िन्दगी  छोड़ने की सूची बन जाती है — कभी प्रेम  कभी पहचान  कभी सपने,,,  बाप की इज़्ज़त के लिए  दिल का रिश्ता छोड़ती है  पति के नाम पर  अपना घर  भाई के हिस्से में  ज़मीन जाती है  और उसके हिस्से में  ख़ामोशी  बच्चों के लिए  वह नौकरी छोड़ती है  और अगर बाहर कोई उसे छेड़ दे — तो बाहर जाना भी  उसकी गलती ठहरा दी जाती है  हर मोड़ पर  उससे कहा जाता है — ' अच्छी औरत बनो ' और अच्छी औरत वही मानी जाती है  जो हर बार  ख़ुद को छोड़ दे  आख़िर में  कुछ लोगों की दुनिया में  वह तभी पवित्र होती है  जब उसके भीतर की औरत  मर जाए  और वह ज़िन्दा लाश बन कर  सब कुछ सह ले  कड़वा है ये सब  पर औरत की कहानी  अक्सर ऐसे ही  लिखी जाती है

Health Tips

हरड़े भरड़े आँवले, लो तीनो सम तोल। कूट पीस कर छानिए,त्रिफला है अनमोल।। पाँच भाँति के नमक से,करो चूर्ण तैयार। दस्तावर है औषधि, कहते पंचसकार।। ताजे माखन में सखी, केसर लेओ घोल। मुख व होठों पर लगा,रंग गुलाब अमोल।। सूखी मेंथी लीजिए, खाएँ मन अनुसार। किसी तरह पहुँचे उदर,मेटे बहुत विकार।। ठंड जुकाम भारी लगे, नाक बंद हो जाय। अजवायन को सेंक कर, सूंघे तो खुल जाय।। चर्म रोग में पीसिए, अजवायन को खूब। लेप लगाओ साथिया,मिलता लाभ बखूब।। फोड़े फुंसी होय तो, अजवायन ले आय। नींबू रस में पीस कर,औषध मान लगाय।। अजवाइन गुड़ घी मिला,हल्का गर्म कराय। वात पित्त कफ संतुलन, सर्दी में हो जाय।। भारी सर्दी पोष की, करती बेदम हाल। अदरक नींबू शहद को,पीना संग उबाल।। मेंथी अजवायन उभय,हरती उदर विकार। पाचन होता संतुलित, खाएँ किसी प्रकार।। अदरक के रस में शहद, लेना सखे मिलाय। पखवाड़े नियमित रखो,श्वाँस कास मिटजाय। मक्का की रोटी भली,खूब लगाओ भोग। पाचन के संग लाभ दे,क्षय में रखे निरोग।। छाछ दही घी दूध ये, शुद्ध हमारा भोज। गाय पाल सेवा करो ,मेवा पाओ रोज।। गाजर रस मय आँवला,पीना पूरे मास। रक्त बने भरपूर तो,नयनन भरे उजास।। बथुआ केंहि विधि...