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जला के रखना*

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शुभ दीपोत्सव!!*🪔*नवरात्रि से शुरू हुआ पर्व धनतेरस दिवाली और भाईदूज पर आकर समाप्त हो जाएगा।* *रोशनी, मिठाई और पटाखों की ध्वनि के साथ दीपावली* *और छठ का शोरगुल भी सब थम जाएगा* *किन्तु*... *जला के रखना* *एक दीपक आस का*🪔 *एक दीपक विश्वास का*🪔 *एक दीपक प्रेम का*🪔 *एक दीपक शांति का*🪔 *एक दीपक मुस्कुराहट का*🪔 *एक दीपक अपनों के साथ का*🪔 *एक दीपक स्वास्थ्य का*🪔 *एक दीपक भाईचारे का*🪔 *एक दीपक बड़ों के आशीर्वाद का*🪔 *एक दीपक छोटों के दुलार का*🪔 *एक दीपक निस्वार्थ सेवा का*🪔 *हम घर में दीपक तो जला लेते हैं, मगर अपने व्यवहार से किसी के जीवन में उजाला नहीं कर पाते। इस दिवाली हज़ारों दीपक जलाने से पहले अपने मन में भी इंसानियत का एक दीपक जरूर जलाइए। शुभ दीपावली 🪔🪔🎇🎆 *इन बारा  दीपों के साथ बिताना अगले ग्यारह महीने, फिर दीपावली आ जाएगी। फिर नए दीपक जला लेना।* दिपावली की बहुत बहुत शुभकामनाएं  *मुस्कुराते रहिए* *हँसते और हँसाते रहिए*    🙏🙏

शुभ दीपोत्सव!!*🪔

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🎊🎉🪄 * आपको एवं आपके समस्त परिवार को  दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ।* 🪔      माँ लक्ष्मी और भगवान श्री गणेश की कृपा से आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं खुशहाली का प्रकाश सदैव बना रहे।👏 *शुभ दीपोत्सव!!*🪔 क्या दीवाली पूजन में #कुबेरजी की पूजा करनी चाहिए ? #नवनिधियों के स्वामी कुबेर : - राजाधिराज कुबेर सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की धन-सम्पदा के स्वामी होने के साथ देवताओं के भी धनाध्यक्ष (treasurer) हैं। संसार के गुप्त या प्रकट जितने भी वैभव हैं, उन सबके अधिष्ठाता देव कुबेर हैं। यक्ष, गुह्यक और किन्नरों के अधिपति कुबेर नवनिधियों के भी स्वामी हैं। एक निधि भी अनन्त वैभव प्रदान करने वाली होती है किन्तु कुबेर नवनिधियों के स्वामी हैं। #नवनिधियों के नाम हैं— पद्म,महापद्म,शंख,मकर,कच्छप,मुकुन्द,कुन्द,नील,वर्चस्। ब्रह्माजी ने कुबेर को बनाया अक्षयनिधियों का स्वामी पादकल्प में कुबेर विश्रवामुनि व इडविडा के पुत्र हुए। विश्रवा के पुत्र होने से ये ‘वैश्रवण कुबेर’ व माता के नाम पर ‘ऐडविड’ के नाम से जाने जाते हैं। इनकी दीर्घकालीन तपस्या से प्रसन्न होकर ब्...

नरक चतुर्दशी 🙏

दीपावली से एक दिन पहले आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी कहा जाता है। उत्तर भारत के अनेक हिस्सों में इसे छोटी दिवाली और रूप चौदस के नाम से भी जाना जाता है। _________ इस दिन का संबंध भगवान श्रीकृष्ण द्वारा नरकासुर नामक अत्याचारी असुर के वध से जोड़ा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का अंत करके उसके अत्याचारों से देवताओं और बंदी बनाई गई स्त्रियों को मुक्ति दिलाई थी। _________ इसलिए यह पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय और अन्याय से मुक्ति का प्रतीक माना जाता है। नरकासुर को भौमासुर भी कहा गया है। श्रीमद्भागवत महापुराण के दशम स्कन्ध के अध्याय 59 में उसकी कथा का विस्तार से वर्णन मिलता है। __________ कथा के अनुसार नरकासुर प्राग्ज्योतिषपुर का शक्तिशाली शासक था। वह पृथ्वी देवी का पुत्र था, लेकिन अपनी शक्ति और सत्ता के अहंकार में उसने अधर्म का मार्ग अपना लिया था। __________ उसने देवताओं को परेशान करना शुरू कर दिया और स्वर्ग से माता अदिति के कुंडल तथा वरुण का छत्र छीन लिया। इतना ही नहीं, उसने अनेक राजकुमारियों को बंदी बनाकर अपने कारागार में कैद कर रखा था। ...

*🔶♦️शुभ रात्री*🙏🙏

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तुम दीप जलाना ऐसा जिससे  भीतर का तम मर जाए  आलौकिक हो जीवन सबका  मन मंदिर प्रकाश से भर जाए  लड़ियां फूलों की सुसज्जित हो  अंतःस मन तक महक जाए  घर सुख से सब आनंदित हो  स्वयं में आनंद बिखर आए महके मिठाई और पकवान सभी  हर जीभ में स्वाद उतर जाए  कड़वाहट दूर हो हृदय से सबके मधुमन में मिठास उतर आए दिवाली की पावन बेला लक्ष्मी गणेश सबके घर आए हो राम राज्य सा मंगल हर घर हर दिल में राम उतर जाए   ❤️🧡❤️🧡 *देने के लिए दान,लेने के लिए ज्ञान और त्यागने के लिए अभिमान श्रेष्ठ है,उस प्रभु ने आपको सामर्थ्यवान बनाया है, तो अवसर मिलने पर अपनी सामर्थ्यानुसार परमार्थ और परोपकार में अवश्य दान करो,*  *आपका दान किसी और के लिए नहीं होता अपितु समय आने पर वो आपके पास ही कई गुना लौटकर आता है।* ______________________ *🔶♦️शुभ रात्री*🙏🙏

एक अत्यंत मार्मिक और प्रेरक प्रसंग:🙏

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🌺 राम नाम की महिमा और परमात्मा की कृपा पर एक अत्यंत मार्मिक और प्रेरक प्रसंग: 🌺संत तुलसीदास जी के जीवन से जुड़ा एक अत्यंत प्रेरणादायक प्रसंग है। 🌺एक बार संत तुलसीदास जी काशी में गंगा तट पर बैठे राम नाम का जप कर रहे थे। उसी समय वहां एक कोढ़ी आया, जो भयानक शारीरिक पीड़ा से ग्रसित था। वह रोते हुए तुलसीदास जी के चरणों में गिर पड़ा और बोला, 🌺"महाराज! मैं अपने पापों का फल भुगत रहा हूँ। समाज ने मुझे ठुकरा दिया है और पीड़ा सही नहीं जाती। क्या प्रभु श्री राम मुझे कभी स्वीकार करेंगे?" 🌺तुलसीदास जी ने करुणा से भरकर उससे कहा, "प्रभु श्री राम का नाम पतित पावन है। तू केवल निष्काम और सच्चे भाव से तीन बार 'राम' नाम का उच्चारण कर ले, तेरे पाप कट जाएंगे।" 🌺कोढ़ी ने तुलसीदास जी की बात पर पूर्ण विश्वास किया और तीन बार सच्चे हृदय से 'राम' नाम का जप किया। जप पूरा होते ही परमात्मा की ऐसी अद्भुत महिमा हुई कि उसका शरीर दिव्य और रोगमुक्त हो गया। जब अन्य विद्वानों और पंडितों ने यह देखा, तो वे 🌺🌺🌺तुलसीदास जी से बहस करने लगे—"शास्त्रों में तो लिखा है कि...

रिटायरमेंट का असली मज़ा* !

* रिटायरमेंट का असली मज़ा* ! घर पर रहते हुए कुछ साल हो गए हैं और अब पता चला है कि... 😜 ☆ हमारे गैस चूल्हे के बड़े बर्नर में 106 छेद हैं और छोटे वाले में 86 ! ☆ एक मैरीगोल्ड बिस्कुट में 22 छेद होते हैं ! ☆ अगर पंखे को 5 नंबर की स्पीड पर बंद कर दें, तो उसे पूरी तरह रुकने में 1 मिनट 12 सेकंड लगते हैं ! ☆ मच्छर मारने वाले इलेक्ट्रिक रैकेट में कुल 485 खाने होते हैं ! ☆ माचिस की डिब्बी में 47 तीलियाँ निकलती हैं, जबकि डिब्बी पर 50 लिखी होती हैं ! गिनकर देखा है भाई ! 😂 ☆ बालाजी वेफर्स के ₹5 वाले पैकेट में 14 वेफर्स होते हैं और ₹10 वाले में 24 ! इसलिए हमेशा ₹5 वाले दो पैकेट खरीदना ज्यादा फायदेमंद है ! 😜 आगे की नई खोजों से आपको अवगत कराता रहूँगा! दोस्तों, आप भी अपनी-अपनी खोज और अनुभव साझा कर सकते हैं! आखिर रिटायरमेंट का मतलब सिर्फ आराम करना थोड़े ही है... अब उन चीज़ों को जानने का समय है, जिन पर नौकरी के दौरान कभी ध्यान ही नहीं गया! 🤣 ज़िंदगी का असली आनंद भी शायद इन्हीं छोटी-छोटी बातों में छिपा है! 😉😜🤪🤗🥰👍🏻.

रमा एकादशी

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🍀 रमा एकादशी भगवान श्री विष्णु और 🌺माता लक्ष्मी को समर्पित एक पवित्र व्रत है, जो इस वर्ष🌀 5 नवम्बर  2026 (गुरुवार) को मनाई जाएगी।  यह 🔱कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी होती है और 💥दीपावली से पहले पड़ने के कारण इसका विशेष महत्व माना जाता है।👣👣   इस दिन 🌿तुलसी पत्ते तोड़ना निषिद्ध माना गया है, क्योंकि इस दिन स्वयं तुलसी माता भी व्रत रखती हैं। 🌺रमा एकादशी  व्रत करने से घर में धन, वैभव, सुख-शांति, सौभाग्य और संतति की वृद्धि होती है।सभी पापों और दोषों का नाश होता है तथा समृद्धि प्राप्त होती है। 🌺🌿रमा एकादशी, चातुर्मास की अंतिम एकादशी होती है, अतः इस व्रत के 🌼पुण्य से वर्षभर 🌼किए गए सभी व्रतों के बराबर फल मिलता है।🌾🌾🌾🌾🌾🌾 🟡भगवान श्रीहरि विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा से जीवन की बाधाएँ दूर होती हैं और कठिन कार्य भी सहजता से सिद्ध हो जाते हैं। 🌀पितरों की शांति और आत्मा की शुद्धि के लिए भी यह व्रत अद्भुत बताया गया है। 👉विशेष इन मंत्र का जाप लाभकारी होता है। 🌺1. विष्णु गायत्री मंत्र“ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णुः प्...