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वंदे मातरम🙏

क्या आप जानते हैं कि क्रिकेट के मैदान पर हुए एक विवाद के कारण राष्ट्रगीत "वंदे मातरम" की रचना हुई थी? लगभग 145 वर्ष पहले, पश्चिम बंगाल के बहरामपुर स्थित बैरक स्क्वायर (अब स्क्वायर फील्ड) मैदान पर एक विवाद खड़ा हुआ था, जिसने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को यह देशभक्ति गीत लिखने के लिए प्रेरित किया। यदि ब्रिटिश कर्नल डफिन ने उस क्रिकेट मैच के दौरान बंकिम बाबू पर हमला न किया होता, तो शायद "वंदे मातरम" की रचना कभी न हुई होती। ​इस विवाद की शुरुआत 1873 में बहरामपुर छावनी के कमान अधिकारी कर्नल डफिन के नेतृत्व में खेले जा रहे एक क्रिकेट मैच से हुई। 15 दिसंबर की शाम को, मुर्शिदाबाद जिले के तत्कालीन डिप्टी कलेक्टर बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय अपनी पालकी में घर लौट रहे थे। अनजाने में, पालकी उठाने वाले (कहार) क्रिकेट मैदान के बीच से एक छोटा रास्ता ले गए, जिससे खेल में बाधा पड़ी। गुस्से में आकर कर्नल डफिन ने पालकी रोकी, बंकिम बाबू को बाहर घसीटा और उन्हें चार-पांच मुक्के मारे। ​यह घटना प्रिंसिपले रॉबर्ट हैंड, रेवरेंड बार्लो, जज बैनब्रिज, लालगोला के राजा जोगेंद्र नारायण राय, दुर्गाचरण भट्...

वन्दे मातरम्!*🙏

* यहाँ वन्दे मातरम् के सभी छह पदों (Stanzas) का हिंदी में* *अर्थ/अनुवाद दिया गया है:*   *पहला पद*  > मूल: > वन्दे मातरम्। > सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम् > शस्यश्यामलां मातरम्। > वन्दे मातरम्॥ >  हिंदी अनुवाद: माँ, मैं तुम्हें प्रणाम करता हूँ! तुम स्वच्छ और शीतल जल से परिपूर्ण हो, सुस्वादु फलों से भरी हुई हो, दक्षिण की मलय पर्वत की सुगंधित हवाओं से शीतल हो, और लहलहाती हरी-भरी फसलों से सुशोभित हो। हे माँ! मैं तुम्हें नमन करता हूँ।  *दूसरा पद*  > मूल: > शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीम् > फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीम् > सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीम् > सुखदां वरदां मातरम्॥ > वन्दे मातरम्॥ >  हिंदी अनुवाद: तुम्हारी रातें उज्ज्वल और मनमोहक चाँदनी से खिली रहती हैं, तुम खिले हुए फूलों और घने वृक्षों से सजी हुई हो, सदैव मधुर मुस्कान वाली और मीठी वाणी बोलने वाली हो, सुख प्रदान करने वाली और वरदान देने वाली हे माँ! मैं तुम्हें प्रणाम करता हूँ।  *तीसरा पद*  > मूल: > कोटि-कोटि-कण्ठ-कल-कल-निनाद-कराले > कोटि-कोटि-भुजैर्धृत-...

इंसानियत वाली दुकान’ ❤️

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वह रोज़ की तरह अपनी किराने की दुकान बंद करके गली में थोड़ी देर टहलने निकले ही थे कि पीछे से एक मासूम सी आवाज़ आई —"अंकल... अंकल..." वे पलटे। एक लगभग 7-8 साल की बच्ची हांफती हुई उनके पास आ रही थी। "क्या बात है... भाग कर आ रही हो?" उन्होंने थोड़े थके मगर सौम्य स्वर में पूछा। "अंकल पंद्रह रुपए की कनियाँ (चावल के टुकड़े) और दस रुपए की दाल लेनी थी..." बच्ची की आंखों में मासूमियत और ज़रूरत दोनों झलक रहे थे। उन्होंने पलट कर अपनी दुकान की ओर देखा, फिर कहा — "अब तो दुकान बंद कर दी है बेटा... सुबह ले लेना।" "अभी चाहिए थी..." बच्ची ने धीरे से कहा। "जल्दी आ जाया करो न... सारा सामान समेट दिया है अब।" उन्होंने नर्म मगर व्यावसायिक अंदाज़ में कहा। बच्ची चुप हो गई। आंखें नीची कर के बोली — "सब दुकानें बंद हो गई हैं... और घर में आटा भी नहीं है..." उसके ये शब्द किसी हथौड़े की तरह उनके सीने पर लगे। वे कुछ देर चुप रहे। फिर पूछा, "तुम पहले क्यों नहीं आई?" "पापा अभी घर आए हैं... और घर में... " वो रुकी, शायद आँसू रोक रही ...

तो काळ असा होता"*की *हिंदी अनुवाद* ये रहा 👇

हां जी, ये वीडियो में जो मराठी कविता *"तो काळ असा होता"* सुनाई गई है, उसका *हिंदी अनुवाद* ये रहा 👇 ### *"वो समय ऐसा था"*  _कवि - अज्ञात_ वो समय ऐसा था,   हमारे पैरों में दम था।   किसी के पीछे कहीं भटकने में भी   मज़ा आता था।   अब तो हो नहीं पाता,   हो भी जाए तो निभ नहीं पाता,   निभ भी जाए तो शोभा नहीं देता।   क्योंकि हम बूढ़े हो गए...   क्योंकि हम बूढ़े हो गए। वो समय ऐसा था,   हमारे बाल काले थे,   जवानी के चोचले थे,   बड़ी-बड़ी आंखें थीं,   देखने में भी मज़ा आता था।   अब तो हो नहीं पाता,   चश्मे के बिना दिखता नहीं,   दिखे भी तो भाता नहीं।   क्योंकि हम बूढ़े हो गए...   क्योंकि हम बूढ़े हो गए। वो समय ऐसा था,   सीना चौड़ा था,   बांहों में ताकत थी,   मुंह में आवाज़ थी,   बोलने में भी मज़ा आता था।   अब तो हो नहीं पाता,   दांतों के बिना बोला नहीं जाता, ...

आज की सोच❤️

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👈🏻🌹🩷*जब हम बिना किसी संदेह के किसी पर भरोसा करते हैं...* *तो हमें दो में से एक फल जरूर मिलता है...* *या तो जीवन के लिए एक बेहतर इंसान...* *या जीवन के लिए एक बेहतरीन सबक....!*       💐💐💐💐💐💐 *"अच्छाई और बुराई वस्तु में नहीं ,कर्म में होती हैं...* *कोई बांस से तीर बनाता हैं,तो कोई उसी से बांसुरी...*        💐💐💐💐💐💐 *ज़िंदगी में हर दिन कुछ नया सिखाता है...* *बस ज़रूरत है उसे शिकायत नहीं, सीख समझकर देखने की...! जो मिला है, उसकी कद्र कीजिए,जो नहीं मिला, उसके पीछे सुकून मत खोइए....!* *क्योंकि असली खुशी, हालात में नहीं… नज़रिए में होती है!!*                   💐💐💐💐💐💐      *🌷!!सु प्रभात!!🌷* *💕आपका दिन मंगलमय हो💕*

विचार करना🙏

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  *ईश्वर को प्रसन्न करने के लिए तो पवित्र चरित्र चाहिए,* *ये इंसानों की गलतफहमी है कि* *उसे फूल, प्रसाद, नारियल और इत्र चाहिए।* *जयश्रीकृष्ण*🌹🙏  *असंभव को संभव बनाने की कला उन्ही के पास होती है* *जो हमेशा कोशिश करते रहते है!*  *Good morning*☕👈🏻🌹🩷 🌹🙏🌹 *रिश्ते दोस्ती और प्यार* *हर एक के भाग्य में होते है* *परंतु ...*  *ये रुकते उन्ही के पास है* *जो इनका सम्मान और*  *कदर करते है ...*  *🌹Good Morning 🌹* : *रिश्ते जिंदगी में* *बड़ी अहमियत रखते हैं!* *जोड़ने से पहले दो बार सोचें* *और तोड़ने से पहले सौ बार!!* *🌹 सुप्रभात 🌹* *🌹एक तरफ "धागे" हैं, जो*  *उलझकर और करीब आ जाते हैं*            *........और.......*  *एक तरफ "रिश्ते" हैं, जो जरा-सा*      *भी उलझते ही टूट जाते हैं।🌹* *सुप्रभात मित्रों🌹🩷* *जिंदगी के कुछ रिश्ते बरसात की बूंद की तरह है* *जो मिट्टी में गिरती हैं और अलग ही महक देती है।* *उन रिश्तो से मिलकर वैसी ही महक महसूस होती है।*🌾   *Good morning*☕👈🏻🌹🩷         ...