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मर्यादा पुरुषोत्तम की मर्यादा

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  जय सियाराम🙏🙏 🙏 भगवान श्री राम और माँ नर्मदा  यह एक बहुत ही गहरा और आध्यात्मिक विषय है। अक्सर लोग पूछते हैं कि जब भगवान राम वनवास के दौरान दक्षिण की ओर गए, तो उन्होंने नर्मदा नदी क्यों नहीं पार की? क्या आप जानते हैं? भगवान श्रीराम ने वनवास के दौरान 'माँ नर्मदा' को पार क्यों नहीं किया?  रामायण के दौरान प्रभु श्री राम के वनवास मार्ग को लेकर कई जिज्ञासाएँ रहती हैं। एक प्रमुख तथ्य यह है कि अपनी यात्रा के दौरान प्रभु श्री राम कभी नर्मदा नदी के पार (दक्षिण तट पर) नहीं गए। इसके पीछे शास्त्र और लोक कथाएँ बहुत ही सुंदर कारण बताती हैं: मर्यादा पुरुषोत्तम की मर्यादा  धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नर्मदा नदी को 'कुंवारी नदी' माना जाता है। प्रभु श्री राम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं और उन्होंने नारी शक्ति का हमेशा सर्वोच्च सम्मान किया। कहा जाता है कि माँ नर्मदा के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए और उनकी मर्यादा बनाए रखने के लिए प्रभु ने उन्हें पार नहीं किया, बल्कि उनके किनारे-किनारे ही यात्रा की। ऋषि मार्कंडेय का वचन  एक पौराणिक कथा के अनुसार, नर्मदा तट पर तपस्या कर ...

VITAMIN B 12♦️

🟣🟣🟣🟣🟣🟣 ♦️ VITAMIN B 12♦️ विटामिन B12 क्या है, शरीर में इसका महत्व, शाकाहारी स्रोत और दुर्लभ तथ्य विटामिन B12 को “नसों और रक्त का रक्षक” कहा जाए तो गलत नहीं होगा। आज के समय में थकान, चक्कर, याददाश्त कमजोर होना और झनझनाहट जैसी समस्याओं के पीछे अक्सर एक ही कारण छिपा होता है— विटामिन B12 की कमी। चौंकाने वाली बात यह है कि भारत में शाकाहारी आबादी में इसकी कमी सबसे अधिक पाई जाती है। ♦️विटामिन B12 क्या है?♦️ विटामिन B12 एक वॉटर-सॉल्युबल विटामिन है, जिसे कोबालामिन भी कहा जाता है। यह शरीर में खुद नहीं बनता, बल्कि भोजन या सप्लीमेंट से ही मिलता है। यह डीएनए निर्माण, रेड ब्लड सेल्स बनने और नर्व सिस्टम के सही काम के लिए अनिवार्य है। शरीर में विटामिन B12 का महत्व B12 सिर्फ खून के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे नर्वस सिस्टम के लिए जीवनरेखा है। यह नसों की मायलिन शीथ को सुरक्षित रखता है मस्तिष्क को ऑक्सीजन पहुंचाने वाले RBCs के निर्माण में मदद करता है हार्मोन संतुलन और मूड स्टेबिलिटी में योगदान देता है थकान, डिप्रेशन और ब्रेन फॉग को कम करता है आयुर्वेद में इसे मज्जा धातु पोषक तत्व के रूप में देखा जाता है...

*श्री राम की शपथ?*

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*श्री राम की शपथ?* हमे ये जानना चाहिए कि श्री राम की शपथ (Shree Ram Ki Shapath) के क्या मायने होते हैं। एक बार की बात है। गोस्वामी तुलसी दास जी अवध में थे। वे सरयू नदी में स्नान करने आए। जब वे नदी में उतर कर अंदर की ओर जा रहे थे, उसी समय एक महिला भी वहां स्नान करने पहुंची। उसे जल्दी स्नान करना था। उसने तुलसीदास जी को देख कर प्रणाम किया और कहा, “बाबा जी! मुझे शीघ्र स्नान करना अनिवार्य है। आप उस ओर मुख कर नदी में खड़े हो जाईए। आपको आपके राम जी की शपथ है, जब तक मैं ना कहूँ, आप न पीछे मुड़ कर देखेंगे, न नदी से बाहर निकलेंगे। गोस्वामी जी ने भी उन महिला को अस्वासन दे, नदी में महिला की ओर पीठ घुमा कर खड़े होगए। *कहाँ हैं गोस्वामी जी*  कड़ाके की ठंड पड़ रही थी। महिला जल्दी जल्दी नहा कर भागी। जल्दबाजी में वह महिला गोस्वामी जी को पीछे मुड़ने व बाहर निकलने को कहना भूल गई। इस कारण गोस्वामी जी घंटों नदी में ही रह गए। जब इतनी देर हो गई और गोस्वामी जी मंदिर नहीं पहुंचे। तब लोग हर जगह उन्हें ढूंढने लगे। ढूंढते ढूंढते पता चला की, गोस्वामी जी स्नान करने गए थे। तब से अभी तक वापस नहीं आए हैं। उ...

सूर्य तिलक दर्शन🙏

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अयोध्या: राम नवमी का पर्व अयोध्या के 5 हजार मंदिरों में 27 मार्च को मनाया जाएगा, जिसमें राम मंदिर में राम लला के जन्म पर दिन 12 बजे हाईटेक व्यवस्था से उनके माथे पर सूर्य तिलक कार्यक्रम देश-विदेश में आकर्षण का केंद्र रहेगा। जिसकी तैयारी तकनीकी टीम कर रही है। प्रभु राम के जन्म पर जन्मोत्सव की तैयारी सुबह से ही विविध अनुष्ठानों के साथ शुरू हो जाएगी। प्रभु रामलला को दुग्ध, दही, शहद और सरयू जल से स्नान करवा कर कीमती आभूषणों व पोशाक धारण करवाया जाएगा। इस दौरान मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चार से गूंजा रहेगा। अयोध्या में रामनवमी के अवसर पर श्री राम जन्मभूमि मंदिर पूरे दिन श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा। मंदिर ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य डॉ. अनिल मिश्र के अनुसार, सुबह 6:30 बजे से अनुष्ठान शुरू होकर 11:00 बजे तक चलेंगे। इस दिन कपाट बंद नहीं किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर सकें। दोपहर 12:00 बजे भगवान राम का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दौरान सूर्य की किरणों से रामलला के मस्तक पर “सूर्य तिलक” का दिव्य दृश्य दिखाई देगा। पूरे आयोजन का लाइव प्रसारण एलईडी स्क्रीन ...

आज सुबह की संदेश🙏

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संसार में अनेक कलाएँ है,  और इन कलाओं में सबसे अच्छी कला है, दूसरों के ह्रदय को छू लेना.💞 राधे राधे 🙏❤️ सुप्रभात ☕ : *बीज की यात्रा वृक्ष तक है,*  *नदी की यात्रा सागर तक है और*  *मनुष्य की यात्रा परमात्मा तक..* *संसार में जो कुछ भी हो रहा है* *वह सब ईश्वरीय विधान है*  *हम और आप तो केवल* *निमित्त मात्र हैं इसीलिये* *कभी भी ये भ्रम न पालें कि*  *मै न होता तो क्या होता?*🙏  संसार में अनेक कलाएँ है,  और इन कलाओं में सबसे अच्छी कला है, दूसरों के ह्रदय को छू लेना.💞 राधे राधे 🙏❤️ सुप्रभात ☕ ***कई बार कसूर किसी का भी नहीं होता... बस एक गलतफहमी खूबसूरत रिश्तों को तबाह कर देती है.*🌹|| जय श्रीकृष्ण ||🌹🙏 *सस्नेह मंगल शुभप्रभात* *खुशी को हमारे अंदर की भावना कहना गलत है* *क्यूं के जब आप इसे अपने लिए खोजते हैं,* *तो ये भावना हमारे अंदर ढूंढने से भी नहीं मिलती है* *लेकिन यही खुशी जब आप दूसरों को देते हैं, तभी इसको आपके पास आने का रास्ता मिल जाता है* *जय सियाराम*👏 *भगवा प्रणाम* 🚩 मुंह खोलकर तो दुनिया हंसती है।  मैं चाहता हूं तुम दिल खोलकर हंसो...

नया दिन की शुभ कामनाएं🙏

: * नया दिन है, नई बात करो, कल चाहे हारे थे,* *आज नई शुरुआत करो..!!* *किसी का भला करके देखो,* *हमेशा लाभ में रहोगे..!* *किसी पर दया करके देखो,* *हमेशा याद में रहोगे..!!*          जय श्री राम  राधे कृष्ण  हरियाली बचाओ  पानी बचाओ  सब मंगल होगा  जय सोमनाथ *"यदि हम, क्रोध आने के एक*_  *क्षण को नियंत्रण में ला सकें*_  *तो पश्चाताप के हजारों क्षणों*_  *से बच सकते हैं...*_  _*क्रोध ही मनुष्य के पतन का*_  _*कारण होता है ...!!!"*_              *जय सियाराम*👏        *उलझे भले ही इस दुनिया के झंझट में हों लेकिन,*   *डूबे तो श्रीकृष्ण सिर्फ तेरे प्रेम में हैं,*   *दुनिया चाहे कितनी भी मुख मोड़ ले हमसे,*   *हमारी सांसें तो कान्हा सिर्फ तेरी यादों में हैं।*   *जयश्रीकृष्ण🌹🙏* [जय श्री हरि विष्णु ✨* *अनंत शेष पर विराजमान, कर में दिव्य कमल,* *सृष्टि के पालनहार — श्री हरि विष्णु 🙏* *बेहतर करने वाला कभी भी* *सम्मान का भूखा नहीं होता,* ...

चावल से डरना क्यों शुरू हो गया है -

 Rice Cooking Method - चावल से डरना क्यों शुरू हो गया है - आजकल बहुत से लोग चावल का नाम सुनते ही डरने लगते हैं। कई लोग मानते हैं कि चावल खाने से वजन बढ़ता है, डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है या फिर पेट में गैस और भारीपन होने लगता है।  इसी वजह से कई लोगों ने अपनी थाली से चावल को पूरी तरह हटाना शुरू कर दिया है। लेकिन अगर हम आयुर्वेद की बात करें तो वहां चावल को बहुत ही उत्तम और पवित्र भोजन माना गया है। आयुर्वेद के अनुसार चावल ऐसा आहार है जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है, पचने में हल्का होता है और मन को भी शांत रखने में मदद करता है। अब सवाल यह है कि अगर चावल इतना अच्छा है तो आज के समय में इसे कई समस्याओं की वजह क्यों माना जा रहा है। इसका कारण चावल नहीं बल्कि चावल पकाने और खाने का हमारा तरीका है। समय की कमी और आधुनिक जीवनशैली की वजह से हमने वह पारंपरिक तरीका छोड़ दिया है जिससे हमारे पूर्वज चावल पकाया करते थे। अगर उसी सही तरीके को फिर से अपनाया जाए तो चावल एक बहुत ही हल्का और संतुलित भोजन बन सकता है। चावल का सही चुनाव कैसे करें सबसे पहला कदम है चावल का सही चुनाव करना। आज बाजार में कई तरह...