आप स्वयं चिंतनकरें 🙏
🌼 जय श्रीकृष्ण🌼* ____________________ _*सब कुछ सीखना ही*_ *ज्ञान नहीं होता है,*_ *कुछ चीजों और बातों को*_ *नजरअंदाज करना भी*_ *ज्ञान ही है...* *जीवन की किताबों पर,* *बेशक नया कवर चढ़ाइये;* *पर...बिखरे पन्नों को,* *पहले प्यार से चिपकाइये !!*____________________ *🔶♦️सुप्रभात♦️🔶* 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 जीवन की सफलता क्या है? हमारे हृदय में सद्गुण आ जायँ, हमारे आचरण में सदाचार आ जाय, हमारा मुख भगवान की ओर मुड़ जाय! हमारे जीवन में दैवी गुण हो जाय और वह भगवदभजन की मूर्ती बन जाऐ 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 *कैसे होगा यह सब ?* *जैसे धरती में बोया गया बीज अपने समय पर ही अंकुरित होता है, और उसमें समय से ही फूल खिलते है, और फल भी समय से ही लगते हैं। वैसे ही हमारा शरीर भी एक क्षेत्र (खेत) हैं। जिसमें हम कर्मों के बीज बोते है। और कर्म बीज बन जाते है,, और समय आने पर ही सुख- और दुख रूपी फल के रूप में हमें मिलते है। बीज बोना ही केवल हमारे अधिकार में लेकिन फल कब, कहाँ, कैसे और किस रूप में मिलेगा यह किसी और के हाँथ में है। पहले ...