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दिव्य संदेश🙏

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🪹🪹🪹🪹🪹 * महाभारत का सार सिर्फ़ दस लाइनों में समझें, जिसमें पाँच लाख श्लोक हैं....* आप किसी भी धर्म के हों, चाहे आप औरत हों या मर्द, चाहे आप गरीब हों या अमीर, चाहे आप अपने देश में हों या विदेश में, संक्षेप में... * *महाभारत के यह 10अनमोलमोती ज़रूर पढ़ें औसमझें....* 1. `अगर आप समय रहते अपने बच्चों की बेवजह की मांगों और इच्छाओं पर कंट्रोल नहीं करेंगे, तो आप ज़िंदगी में लाचार हो जाएँगे...` *'कौरव'* 2. `आप कितने भी ताकतवर क्यों न हों, अगर आप अधर्म का साथ देंगे, तो आपकी ताकत, हथियार, हुनर और आशीर्वाद सब बेकार हो जाएँगे...` *'कर्ण'* 3. `अपने बच्चों को इतना बड़ा न बनाएँ कि वे अपने ज्ञान का गलत इस्तेमाल करके पूरी तबाही मचा दें...` *'अश्वत्थामा'* 4. `कभी ऐसे वादे न करें कि आपको अधर्मियों के आगे झुकना पड़े...`  *'भीष्म पितामह'* 5. `अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल *धन, शक्ति, अधिकार और गलत लोगों का साथ आखिर में पूरी बर्बादी की ओर ले जाता है...` *'दुर्योधन'* 6. `कभी भी सत्ता की बागडोर किसी अंधे व्यक्ति को मत दो, यानी जो स्वार्थ, धन, घमंड, ज्ञान, मोह...

Comet ..

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A comet that hasn’t visited Earth’s skies in 170,000 years is returning… and it’s already glowing brighter. ☄️✨ Comet C/2025 R3 (Pan-STARRS) is now visible under truly dark skies, and over the next 10 mornings, it will only get easier to spot. This isn’t just another comet — it’s a once-in-a-human-history event. The last time it passed by our planet, early humans were still sharing the Earth with extinct giants. It will reach perihelion — its closest point to the Sun — on April 19, passing at a safe distance of about 0.5 AU (half the distance between Earth and the Sun). Then comes its brightest moment: On April 27, it will make its closest approach to Earth… shining at peak visibility. But there’s a catch. By then, this ancient traveler will disappear from Northern Hemisphere skies, making these next few mornings your only chance to witness it. Miss it now… and you’ll have to wait another 170,000 years.

Prayers🙏

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🌳💓🪴🌸🦚🌸🪴💓🌳       PRAYER I know not by what magic How or where What or when, But this I know; HE ANSWERS MY PRAYERS. I need not know when He answers, Where he does, Where he fulfils, How he accomplishes. But this I know: HE ANSWERS MY PRAYERS. I leave all care With Him above, Whose love for me Is endless

आज का चिंतन❤️

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सुदामा के साथ बातें करते हुए कब कृष्ण उनके पाँव दबाने लगे य सुदामा को पता ही नही चला। सुदामा सो चुके थे किंतु कृष्ण अपनी ही सोंचों में मगन उनके पाँव दबाते हुए बचपन की बातें करते चले जा रहे थे, कि तभी रुक्मिणी ने उनके कंधे पर हाथ रखा। कृष्ण ने चौंक कर पहले उन्हे देखा और फिर सुदामा को, फिर उनका आशय समझ कर वहाँ से उठ कर अपने कक्ष में चले आये। कृष्ण की ऐसी मगन अवस्था देखकर रुक्मिणी ने पूछा, "स्वामी आज आपका व्यवहार बहुत ही विचित्र प्रतीत हो रहा है। आप, जो इस संसार के बड़े से बड़े सम्राट के द्वारका आने पर उनसे तनिक भी प्रभावित नही होते हैं, वो अपने मित्र के आगमन की सूचना पर इतने भावविव्हल हो गए कि भोजन छोड़कर नंगे पाँव उन्हे लेने के लिए भागते चले गए। आप, जिनको कोई भी दुख, कष्ट या चुनौती कभी रुला नही पाई, यहाँ तक कि जो गोकुल छोड़ते समय मैया यशोदा के अश्रु देखकर भी नही रोये, वे अपने मित्र के जीर्ण शीर्ण, घावों से भरे पाँवों को देखकर इतने भावुक हो गए कि अपने अश्रुओं से ही उनके पाँवों को धो दिया। कूटनीति, राजनीति और ज्ञान के शिखर पुरुष आप, अपने मित्र को देखकर इतने मगन हो गए कि ब...

आज का चिंतन❤️

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सुदामा के साथ बातें करते हुए कब कृष्ण उनके पाँव दबाने लगे य सुदामा को पता ही नही चला। सुदामा सो चुके थे किंतु कृष्ण अपनी ही सोंचों में मगन उनके पाँव दबाते हुए बचपन की बातें करते चले जा रहे थे, कि तभी रुक्मिणी ने उनके कंधे पर हाथ रखा। कृष्ण ने चौंक कर पहले उन्हे देखा और फिर सुदामा को, फिर उनका आशय समझ कर वहाँ से उठ कर अपने कक्ष में चले आये। कृष्ण की ऐसी मगन अवस्था देखकर रुक्मिणी ने पूछा, "स्वामी आज आपका व्यवहार बहुत ही विचित्र प्रतीत हो रहा है। आप, जो इस संसार के बड़े से बड़े सम्राट के द्वारका आने पर उनसे तनिक भी प्रभावित नही होते हैं, वो अपने मित्र के आगमन की सूचना पर इतने भावविव्हल हो गए कि भोजन छोड़कर नंगे पाँव उन्हे लेने के लिए भागते चले गए। आप, जिनको कोई भी दुख, कष्ट या चुनौती कभी रुला नही पाई, यहाँ तक कि जो गोकुल छोड़ते समय मैया यशोदा के अश्रु देखकर भी नही रोये, वे अपने मित्र के जीर्ण शीर्ण, घावों से भरे पाँवों को देखकर इतने भावुक हो गए कि अपने अश्रुओं से ही उनके पाँवों को धो दिया। कूटनीति, राजनीति और ज्ञान के शिखर पुरुष आप, अपने मित्र को देखकर इतने मगन हो गए कि ब...

जय हो प्रभु श्री राम जी🙏

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👌👌👌👌 * एक बार तुलसीदास अपने ईष्ट श्री राम के दर्शन की इच्छा लिए जगन्नाथ पुरी की ओर चल पड़े। वहां पहुंचने के बाद लोगों की भीड़ को देखकर वह बहुत खुश हुए और मंदिर के अंदर दर्शन करने के लिए चले गए। लेकिन जैसे ही उन्होंने श्री जगन्नाथ जी को देखा और अचानक ही उनके चेहरे पर निराशा छा गई और वह बाहर आकर मन में सोचने लगे कि इतनी दूर आना भी मेरा बेकार हुआ,  क्योंकि यह बिना हाथों के मेरे ईष्ट नहीं हो सकते हैं। रात काफी हो गई थी तो वह थके-हारे,  भूखे-प्यासे एक जगह पर आराम करने के लिए बैठ गए।* *कुछ समय के बाद वहां आहट होने लगी और तुलसीदास को एक बालक की आवाज़ सुनाई दी जो उनका ही नाम पुकार रहा था। उन्होंने उसे अपने पास बुलाया और कहा कि मैं ही तुलसीदास हूं।  उस बच्चे के हाथ में एक थाली थी जो उसने तुलसीदास की ओर करके कहा कि ‘लीजिए, जगन्नाथ जी ने आपके लिए प्रसाद भेजा है।’* *तुलसीदास बोले ‘कृपा करके इसे वापस ले जाएं।’* *बालक ने कहा, ‘जगन्नाथ का भात-जगत पसारे हाथ’ और वह भी स्वयं महाप्रभु ने भेजा और आप स्वीकार नहीं कर रहे हैं। कारण क्या है?’* *तुलसीदास ने कहा कि, ‘मैं अपने ईष्ट ...

आज का चिंतन

🌳💓🪴🌸🦚🌸🪴💓🌳       *🌲💐जय सियाराम💐🌲*         *🍃🏵जय मातादी🏵🍃* *मन को शांत रखना ही सबसे बड़ी साधना है, क्योंकि अशांत मन में ना तो खुशी टिकती है और ना ही भक्ति का भाव स्थिर रह पाता है। जब मन व्यर्थ के विचारों, चिंता और* *अपेक्षाओं में उलझा रहता है, तब जीवन की सच्ची शांति हमसे दूर हो जाती है।* *जो व्यक्ति अपने भीतर संतोष का दीप जला लेता है, वही वास्तव में सच्चा धनवान होता है। बाहरी सुख और साधन क्षणिक होते हैं, लेकिन भीतर की संतुष्टि ही वह खजाना है, जो हर परिस्थिति में हमें स्थिर और प्रसन्न बनाए रखता है।* *इसलिए हर परिस्थिति में अपने मन को प्रभु के चरणों में लगाकर शांत और स्थिर रखने का प्रयास करें, क्योंकि यही सच्ची भक्ति और सुखी जीवन का आधार है।*       *🌾🌸जयश्री राधेकृष्ण🌸🌾*           *🌺🌴शुभ-प्रभात🌴🌺*