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Showing posts from June, 2026

कृपया आनन्द लें और लोगों को भी आनन्द प्रदान करें.🙏

यह एक कमाल की कहानी है! मार्केटिंग की शक्ति सच में गजब की है.  अरेंज्ड मैरिज में जब हम लड़की देखने जाते हैं, तो एक प्रश्न तो पक्का होता है: *"लड़का क्या करता है ?"* 😉  सोनू का परिवार उसके लिए लड़की देखने गया. चाय-नाश्ता और थोड़ी बहुत बातचीत के बाद, लड़की के पिता धीरे से असली मुद्दे पर आए: "तो अभी आपका बेटा क्या काम करता है ?" सोनू के पिता ने चश्मा ठीक किया, गला साफ किया और पूरी कॉर्पोरेट-स्टाइल प्रेजेंटेशन शुरू कर दी: "देखिए, हमारा बेटा फिलहाल एक एग्रो-बेस्ड डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर स्टार्टअप का फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर है. हम ऑर्गेनिक हेल्थ और वेलनेस सेक्टर में काम करते हैं." यह सुनकर लड़की के पिता आधे तो वहीं इंप्रेस हो गए. "वाह! तो आपका प्रोडक्ट क्या है ?" सोनू के पिता ने आत्मविश्वास से आगे कहा: "हमारे मुख्य पोर्टफोलियो में हाई-प्रोटीन रोस्टेड लेग्यूम्स और ट्रेडिशनल कैरमेलाइज्ड स्वीट्स शामिल हैं. हम कच्चा माल सीधे होलसेल सप्लाई चेन से लेते हैं, फिर उसे अपनी थर्मल प्रोसेसिंग यूनिट में ड्राई-रोस्ट करते हैं. और सबसे बड़ी बात यह है कि हमारी ...

Humor 😂

एक टीचर ने चौथी क्लास के बच्चों से पूछा कि उनमें से कितने राहुल गांधी के फैन हैं। असली मतलब न जानते हुए, लेकिन टीचर को खुश करने के लिए, सभी बच्चों ने हाथ उठा दिए, सिवाय छोटे श्याम के टीचर ने श्याम से पूछा कि वह फिर से बाकी बच्चों से अलग क्यों है। श्याम ने कहा, "क्योंकि मैं राहुल गांधी का फैन नहीं हूं।" टीचर ने पूछा, "तुम राहुल गांधी के फैन क्यों नहीं हो?" श्याम ने कहा, "क्योंकि मैं बीजेपी समर्थक हूं।" टीचर ने पूछा, "तुम बीजेपी समर्थक क्यों हो?" श्याम ने जवाब दिया, "क्योंकि मेरी मां बीजेपी समर्थक हैं और मेरे पापा बीजेपी समर्थक हैं, तो मैं भी बीजेपी समर्थक हूं।" टीचर ने झुंझलाते हुए कहा,  "अगर तुम्हारी मां बेवकूफ होतीं और तुम्हारे पापा मूर्ख होते, तो तुम क्या होते?" मुस्कुराते हुए श्याम ने जवाब दिया, ...... "तो मैं राहुल गांधी का फैन होता।"😛😛😛

खतरनाक सर्वे रिपोर्ट*

* खतरनाक सर्वे रिपोर्ट* *कुंवारेपन का विस्फोट, समाज अंधी दौड़ में कहाँ पहुँच रहा है ?* अब वक्त आ गया है कि चीज़ों को मीठे शब्‍दों में कहना बंद किया जाए। *दुनिया जिस महिला आज़ादी की जय-जयकार कर रही है, वही आज़ादी धीरे-धीरे *परिवार, रिश्तों,* और *सामाजिक संतुलन,* सब कुछ निगलने लगी है। अंतरराष्ट्रीय सर्वे कहता है कि आने वाले कुछ वर्षों में *युवतियों में 45% तक विवाह से दूरी बना सकती हैं।* पहली नज़र में यह *प्रगति* लगती है, पर असल में यह *भविष्य के लिए एक टाइम-बम* है। 1.*कैरियर, पैसे और अकेलापन….यह कैसी प्रगति?* आज की बेटी कलेक्टर डॉक्टर, इंजीनियर, सीए, टीचर उद्यमी, सब बन रही है। बहुत अच्छा। शानदार। पर क्या कैरियर पूरा जीवन है? *जरा सोचे. पैसा साथी नहीं बनता। पद वृद्धावस्था में हाथ नहीं पकड़ता। मोबाइल और लैपटॉप बुढ़ापे में बात नहीं करते।* लेकिन समाज को इस सच्चाई से फर्क नहीं पड़ता, सबको दौड़ लगानी है। 2.*परिवार ढह रहे हैं…. कोई देख भी रहा है?* कुँवारे लड़के बढ़ रहे हैं, अविवाहित युवतियाँ बढ़ रही हैं, जनसंख्या गिर रही है, और *अकेलेपन उद्योग* (counsellor, therapy, depression pills) फल-फूल रह...

*फ्रेंडशिप रिसेशन (मित्रता में मंदी)*

🌹* फ्रेंडशिप रिसेशन (मित्रता में मंदी)* हार्वर्ड बिजनेस के एक हालिया लेख में कहा गया है - जो आज की पीढ़ी का एक सच्चा आईना है...  1. *फ्रेंडशिप रिसेशन (मित्रता में मंदी)* – पूरी दुनिया में दोस्तों की संख्या में तेजी से गिरावट आ रही है।  2. 1990 से लेकर आज तक, अमेरिका में "मेरा कोई करीबी दोस्त नहीं है" कहने वाले लोगों की संख्या *चार गुना* बढ़कर *12%* हो गई है।  3. वहीं दूसरी ओर, जिनके *10 या उससे अधिक करीबी दोस्त* थे, उनकी संख्या में *एक तिहाई (one-third)* की कमी आई है।  4. ऐसा ही कुछ *भारत के शहरी इलाकों* में भी देखने को मिल रहा है – जान-पहचान वाले (परिचितों) की संख्या तो बढ़ रही है, लेकिन *सच्ची दोस्ती कम हो रही है*।  5. पहले लोग कैफे, क्लब या कार्यक्रमों में अजनबियों से भी बातचीत करते थे। अब लोग *भीड़ में भी अकेले* रहते हैं।6. अमेरिका में पिछले दो सालों में *अकेले खाना खाने वाले* लोगों की संख्या में *29%* की बढ़ोतरी हुई है।  7. *स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी* ने तो बकायदा *दोस्ती पर एक कोर्स* भी शुरू किया है।  8. यह सिर्फ एक सामाजिक मुद्दा नहीं है, बल्कि एक...

नए अछूत*

. * नए अछूत*  हमको देखो हम सवर्ण हैं भारत माँ के पूत हैं, लेकिन दुःख है अब भारत में, हम सब 'नए अछूत' हैं; सारे नियम सभी कानूनों ने, हमको ही मारा है; भारत का निर्माता देखो, अपने घर में हारा है; नहीं हमारे लिए नौकरी, नहीं सीट विद्यालय में; ना अपनी कोई सुनवाई, संसद में, न्यायालय में; हम भविष्य थे भारत माँ के, आज बने हम भूत हैं; बेहद दुःख है अब भारत में; हम सब 'नए अछूत' हैं; 'दलित' महज़ आरोप लगा दे, हमें जेल में जाना है; हम-निर्दोष, नहीं हैं दोषी, ये सबूत भी लाना है; हम जिनको सत्ता में लाये, छुरा उन्हींने भोंका है, काले कानूनों की भट्ठी, में हम सब को झोंका है; किसको चुनें, किन्हें हम मत दें? सारे ही यमदूत हैं; बेहद दुःख है अब भारत में; हम सब 'नए अछूत' हैं; प्राण त्यागते हैं सीमा पर, लड़ कर मरते हम ही हैं; अपनी मेधा से भारत की, सेवा करते हम ही हैं; हर सवर्ण इस भारत माँ का, एक अनमोल नगीना है; अपने तो बच्चे बच्चे का, छप्पन इंची सीना है; भस्म हमारी महाकाल से, लिपटी हुई भभूत है; लेकिन दुःख है अब भारत में, हम सब 'नए अछूत' हैं..  *देकर खून पसीना अपना, इस गुलश...

Historic picture N important lessons:

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Historic picture; important lessons: 1986 world cup photo of Maradona, Pele and Platini.       1.Maradona campaigned against drugs  2.Pele stood for the rights of the children & 3.Platini against corruption  .  Time passed by : 1.Maradona became a drug addict.  2.Pele refused to accept his biological daughter Sandra Regina Arantes, who was born as the result of his affair with a housemaid (in 1964). Arantes filed a lawsuit against Pele. She won the case with DNA tests results and later wrote a book, "The Daughter the King Did Not Want", that described her mother’s affair. And … 3. Platini was banned from football administration for corruption.    Two important lessons:  1) Nobody is perfect; 2) Appearances can be deceptive.

कुछ जरूर बातें

🍽️ बदलाव हाइवे ढाबों में जितना आया है, उतना शायद किसी और चीज में नहीं आया होगा बीते 30-35 सालों में। 🚛🛣️ आज हाइवे पर कोई ढाबा बचा नहीं। अब सब ढाबे के नाम पर आलीशान रेस्टोरेंट हैं। 🏨🍴 सबका खाना बनाने का तरीका एक फैक्ट्री नुमा है। सैकड़ों कर्मचारी, दर्जनों कुक, अकाउंट्स, मैनेजर और भी न जाने क्या क्या। 👨‍🍳📋 मेनू कार्ड में सैकड़ों आइटम, एक ही आइटम के कई कई नाम। 📖🍛 पनीर आइटम ही 20 हैं। दाल के नाम पर 10 दाल... रोटियां 20 किस्म की... 🫓 आपस में कोई फर्क नहीं किसी आइटम में। प्याज ज्यादा तो पनीर दो प्याजा, लाल ग्रेवी तो शाही पनीर, कम ग्रेवी तो कढ़ाई पनीर। दाल तड़का, दाल हांडी, दाल फ्राई... 🤷‍♂️ कोई माई का लाल फर्क बता दे इनमें। सभी आइटम बेस्वाद, सभी आइटम बासी (गारंटी दे रहा हूं) 😐 सिर्फ हाफ कुक आइटम बनाकर रखी हैं। जिन्हें फैक्ट्री में एसेंबल किया जाता है। 🏭 हम ऑलमोस्ट पैकेट वाली रेडी टू कुक आइटम जैसे खा रहे हैं इन रेस्टोरेंट में। 📦 5 तरह की ग्रेवी तैयार है। ऑर्डर आया और आइटम एसेंबल कर दी। आप कुछ भी मंगवा लो, सभी का स्वाद और टेक्सचर एक जैसा होता है। 😔 कीमत भी आजकल किसी स्टार क्लास...

संस्कृत वाक्य और उनका सीधा हिंदी अनुवाद :-*

* वरण करने योग्य हिंदी में, बिना अनुवाद या व्याख्या जोड़े, केवल संस्कृत वाक्य और उनका सीधा हिंदी अनुवाद :-* Gv 1. *अजीर्णे भोजनं विषम् ।* यदि पहले लिया गया भोजन नहीं पचा है तो अगला भोजन विष के समान है। 2. *अर्धरोगहरी निद्रा ।* अच्छी नींद आधे रोगों को हर लेती है। 3. *मुद्गदाली गदव्याली ।* सभी दालों में मूंग श्रेष्ठ है, यह रोगों को हरती है। 5. *अति सर्वत्र वर्जयेत्।* हर चीज़ की अति वर्जनीय है। 6. *नास्ति मूलमनौषधम् ।* कोई भी सब्ज़ी ऐसी नहीं है जो औषधि न हो। 7. *न वैद्यः प्रभुरायुषः ।* कोई वैद्य (डॉक्टर) आयु का स्वामी नहीं है। 8. *चिंता व्याधि प्रकाशाय ।* चिंता रोगों को बढ़ाती है। 9. *व्यायामश्च शनैः शनैः।* व्यायाम धीरे-धीरे करना चाहिए। 10. *अजवत् चर्वणं कुर्यात् ।* बकरी की तरह चबा-चबाकर खाना चाहिए। 11. *स्नानं नाम मनःप्रसाधनकरंदुः स्वप्न-विध्वंसनम् ।* स्नान मन को प्रसन्न करता है और बुरे स्वप्नों को मिटाता है। 12. *न स्नानमाचरेद् भुक्त्वा।* भोजन के तुरंत बाद स्नान नहीं करना चाहिए। 13. *नास्ति मेघसमं तोयम् ।* बारिश के समान शुद्ध जल कोई नहीं। 14. *अजीर्णे भेषजं वारि ।* अजीर्ण में जल औषधि के...

हर हर महादेव। जय श्री कृष्ण। 🙏🏻

कल्पना कीजिए एक ऐसे असुर की जिसके एक-दो नहीं बल्कि पूरे हजार हाथ थे। जिसकी शक्ति के सामने बड़े-बड़े देवता भी कांप उठते थे। जिसकी राजधानी के द्वार पर स्वयं भगवान शिव पहरा देते थे। और जिसकी पुत्री की एक प्रेम कहानी ने ऐसा तूफान खड़ा कर दिया कि भगवान श्री कृष्ण और महादेव को युद्धभूमि में आमने-सामने खड़ा होना पड़ा। यह कथा है महान असुरराज बाणासुर की, जो केवल अपनी शक्ति के लिए ही नहीं बल्कि अपनी भक्ति और अपने अहंकार दोनों के लिए प्रसिद्ध था। प्राचीन काल में असुरों के महान राजा महाबली का एक पराक्रमी पुत्र था—बाणासुर। वह भक्त प्रह्लाद के वंश का गौरव था। बचपन से ही उसका मन भगवान शिव की भक्ति में रमा रहता था। उसने वर्षों तक कठोर तपस्या की। बर्फीले पर्वतों में खड़े होकर, अग्नि के बीच बैठकर और भोजन त्यागकर उसने महादेव को प्रसन्न किया। अंततः उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव उसके सामने प्रकट हुए। बाणासुर ने हाथ जोड़कर कहा, "प्रभु, मुझे ऐसा वरदान दीजिए कि संसार की कोई शक्ति मेरे राज्य को पराजित न कर सके।" महादेव मुस्कुराए और बोले, "वत्स, मैं स्वयं तुम्हारे राज्य की रक्षा करूंगा। जब...