विजयादशमी* 🙏
*एको देवो रामचन्द्रो व्रतमेकं तदर्चनम्*
*मन्त्रोप्येकश्च तन्नाम शास्त्रं तद्धयेव तत्स्तुति*
शारदीय नवरात्रों में आज शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयादशमी दशहरा मनाये जाने की परम्परा है। आज पूरे देश में इस दिन को त्यौहार के रुप में मनाया जाता है।
भगवान श्रीराम ने इसी तिथि को लंका के राजा रावण का उद्धार वध किया गया था। *इसलिये विजयादशमी को असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई एवं अधर्म पर धर्म की विजय के रुप में मनाया जाता है।* यह भी माना जाता है कि भगवान श्री राम जी ने भी आदिशक्ति माँ दुर्गा की पूजा अर्चना कर शक्ति की उपासना की थी।
*बिबसहुँ जासु नाम नर कहहीं*
*जनम अनेक रचित अघ दहहीं*
*सादर सुमिरन जे नर करहीं*
*भव बारिधि गोपद इव तरहीं*
जो भी मनुष्य आदर पूर्वक भगवान श्री राम का स्मरण करते हैँ, उनका हर प्रकार से मंगल ही होता है। मर्यादित भगवान श्री राम हर प्रकार से वंदनीय है और इस सृष्टि में *एक ही देवता हैं श्री राम और एक ही व्रत है उनका पूजन तथा एक ही मन्त्र है राम का नाम एवं एक ही शास्त्र है उनकी स्तुति।*
विजयादशमी के दिन ही अपराजिता देवी की पूजा भी की जाती है और देवी के पूजन अर्चन के पश्चात शमी और शस्त्रों की पूजा का विधान है।
*विजया च महाभाग ददातु विजयं मम*
*हारेण सुविचित्रेण भास्वत्कनकमेखला*
*अपराजिता रूद्ररता करोतु विजयं मम*
भगवती अपराजिता अपने भक्तों साधकों की हर प्रकार की मनोकामना पूर्ण कर हर क्षेत्र में अपराजित होने का वरदान देती हैं, *लेकिन ध्यान रहे कि वह कर्म केवल जगत के कल्याण की प्रवृत्ति से किया जा रहा हो।*
*पुन: विजयादशमी त्यौहार की बहुत बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभ मंगल कामनाए।*
भगवान श्री राम एवं माँ भगवती की असीम कृपा से आप सपरिवार सदैव सुखी, स्वस्थ, समृद्ध, निरोगी एवं दीर्घायु हों। श्रीचरणों से आप सबके लिये प्रतिपल यही कामना व प्रार्थना करते है।
*पतित पावनी भगवती आदय शक्ति दुर्गा जी आप के सभी मनोकामना पूर्ण करें
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