कुछ सीख👍

“मैं तुम्हारे बिना जी नहीं सकता।” लेकिन अगर तुम नहीं भी रहे, तो भी मुझे अपने पैरों पर खड़ा होना सीखना ही होगा!"*

*यह संदेश हर पति-पत्नी को एक बार जरूर पढ़ना चाहिए...*

पत्नी ने पति से पूछा, "सुनिए, क्या आपसे एक बात पूछ सकती हूँ? बुरा मत मानिएगा, मुझे सच-सच जवाब चाहिए।"

पति ने कहा, "क्या फिर से कोई मुश्किल सवाल पूछने वाली हो? चलो, पूछो!"

पत्नी बोली, "हमारे बच्चे विदेश में सेटल हो गए हैं। हम यहाँ अकेले रह रहे हैं। भगवान की कृपा से हमें खाने, कपड़े या घर की कोई कमी नहीं है। हमारे पास एक-दूसरे का साथ है और हम शांति से जिंदगी बिता रहे हैं। लेकिन जैसे-जैसे साल बीत रहे हैं, हमारी उम्र बढ़ रही है और ताकत धीरे-धीरे कम हो रही है। हम पहले की तरह बच्चों के साथ स्थायी रूप से नहीं रह सकते। उनकी भी नौकरी, बच्चों की पढ़ाई और परिवार की जिम्मेदारियाँ हैं। वो हमेशा आकर हमारे साथ नहीं रह सकते। _इसीलिए मैं चिंतित हूँ... अगर कभी मुझे कुछ हो गया, तो आप अकेले कैसे संभालेंगे?_

कभी-कभी ये सोचें _मुझे रात भर जगाए रखती हैं।_"

पति कुछ देर चुप रहा और फिर बोला, "मुझे भी यही डर है। पर एक छोटा सा फर्क है। _तुम सोच रही हो कि अगर मैं नहीं रहा तो तुम कैसे जियोगी।_ मैं सोच रहा हूँ कि अगर मैं नहीं रहा तो तुम कैसे जी पाओगी! मैं तुमसे पाँच साल बड़ा हूँ। कोई नहीं जानता कि इस दुनिया से पहले कौन जाएगा। _इसलिए आज हमें एक बात पर बात करनी है।_

प्यार सिर्फ एक-दूसरे पर निर्भर रहने का नाम नहीं है। _प्यार यह भी है कि जब हम में से एक नहीं रहेगा, तब भी दूसरा मजबूती से खड़ा रह सके, उसके लिए एक-दूसरे को तैयार करना।_ तुम अक्सर मुझसे कहती हो, 'अगर तुम नहीं रहे तो मैं क्या करूँगी?' लेकिन मैं तुमसे पूछना चाहता हूँ, 'अगर मैं नहीं रहा तो तुम क्या-क्या कर पाओगी?'

क्या तुम गली के आखिर में लगे ATM जाकर पैसे निकाल सकती हो? क्या तुम UPI से पैसे भेज सकती हो?

क्या तुम्हें पता है कि तुम्हारे फोन पर आने वाला OTP क्या होता है? क्या तुम्हें Google Pay, PhonePe या Net Banking इस्तेमाल करना आता है?

क्या इमरजेंसी में कैब बुक कर सकती हो? क्या 108 एम्बुलेंस को कॉल कर सकती हो? क्या तुम्हें पता है मेरे फोन में Emergency Contacts कहाँ सेव हैं?

क्या तुम हमारे बच्चों को वीडियो कॉल कर सकती हो? क्या WhatsApp पर अपनी लोकेशन शेयर कर सकती हो? क्या Google Maps से हमारे घर की लोकेशन भेज सकती हो?

क्या तुम्हें पता है मेरे हॉस्पिटल, डॉक्टर और इंश्योरेंस की डिटेल्स कहाँ रखी हैं? क्या तुम्हें पता है हमारा हेल्थ इंश्योरेंस कार्ड कहाँ है और उसे कैसे इस्तेमाल करना है?

क्या तुम्हें पता है कि गैस सिलेंडर खत्म होने पर उसे कैसे बुक करना है? क्या बिजली का बिल भर सकती हो? क्या अपना मोबाइल रिचार्ज कर सकती हो?

क्या तुम्हें पता है हमारे बैंक अकाउंट कहाँ हैं? क्या तुम्हें पता है हमारी कितनी FD हैं और वो कब मैच्योर होंगी?

क्या तुम्हें पता है हमारे जरूरी कागजात - आधार, पैन, इंश्योरेंस, प्रॉपर्टी के पेपर और बैंक डिटेल्स - कहाँ सुरक्षित रखे हैं?

हम अक्सर कहते हैं कि हमारे बच्चे विदेश में रहते हैं। लेकिन अगर कभी उन्हें हमारी जरूरत पड़ी, तो क्या हम वीडियो कॉल करके उन्हें अपनी स्थिति साफ-साफ समझा पाएंगे?

ये छोटी-छोटी बातें लग सकती हैं। लेकिन इमरजेंसी में यही छोटी बातें बहुत बड़ी बन जाती हैं।"

पत्नी ने धीरे से कहा, "_आपने मुझे कई बार बताया, पर मैंने कभी नहीं सोचा कि मुझे ये सब जानने की जरूरत पड़ेगी। आप तो हैं न? मैंने हमेशा सोचा आप सब संभाल लेंगे।_"

पति मुस्कुराया। "_यही हमारी सबसे बड़ी गलती है। पूरी जिंदगी हमने यही कहकर एक-दूसरे पर निर्भर रहे - 'वो है न, ये है न'।_

पर जिंदगी की कोई गारंटी नहीं है। इसलिए आज से, _तुम मुझे सिखाओ। मैं तुम्हें सिखाता हूँ।_ तुम UPI सीखो। मैं थोड़ा खाना बनाना सीख लेता हूँ। तुम बैंक का काम सीखो। मैं घर की कुछ जिम्मेदारियाँ सीख लेता हूँ।

तुम Emergency Contacts सीखो। मैं तुम्हें दिखाता हूँ इंश्योरेंस की डिटेल्स कहाँ हैं। तुम ऑनलाइन पेमेंट सीखो। मैं तुम्हें दिखाता हूँ दवाइयाँ और मेडिकल रिकॉर्ड कहाँ रखे हैं।

हमें साथ जीना चाहिए। लेकिन साथ ही, इतने काबिल भी बनना चाहिए कि अगर हम में से एक न भी रहे, तो दूसरा मजबूती से खड़ा रह सके।"

पत्नी की आँखों में आँसू आ गए। "इससे मुझे डर लग रहा है।" पति ने उसका हाथ थामकर कहा, "डरने की जरूरत नहीं है। जो हमारे बस में नहीं है, उससे डरने के बजाय, जो हमारे बस में है, उसे सीख लेना बेहतर है।

भगवान ने हमें कितने दिन दिए हैं, हम नहीं जानते। पर हर दिन को आत्मविश्वास, हिम्मत और एक-दूसरे का साथ देकर जीना हमारे हाथ में है।

सिर्फ भगवद गीता पढ़ लेना काफी नहीं है। वो जो हिम्मत सिखाती है, उसे अपनी जिंदगी में भी उतारना चाहिए। बचपन से हम अपने बच्चों को सब सिखाते हैं - पढ़ाई, नौकरी, गाड़ी चलाना, खाना बनाना, तैरना, टेक्नोलॉजी, पैसे का हिसाब, सब कुछ।

लेकिन बड़े होने पर, 'मुझे ये सब क्यों जानना है?' कहने के बजाय, हमें खुद से पूछना चाहिए - 'अगर कल मुझे इसकी जरूरत पड़ी, तो क्या मैं इसे खुद संभाल पाऊँगा?'

एक पति, पत्नी की जगह नहीं ले सकता। एक पत्नी, पति की जगह नहीं ले सकती। लेकिन वो जीवन में एक-दूसरे का सबसे खूबसूरत सहारा बन सकते हैं। जब तक वो सहारा हमारे साथ है, आओ प्यार से जिएं।

और साथ ही, एक-दूसरे को इस तरह तैयार करें कि अगर एक दिन हम में से एक नहीं रहा, तो दूसरा टूटे नहीं, बल्कि मजबूती से खड़ा रहे।

टेक्नोलॉजी सीखिए। डिजिटल पेमेंट सीखिए। बैंकिंग को समझिए। इमरजेंसी सेवाओं को जानिए। जरूरी कागजात व्यवस्थित रखिए। जरूरी जानकारियाँ सुरक्षित रखिए। अपने बच्चों से नियमित संपर्क में रहिए। सबसे बढ़कर, एक-दूसरे से प्यार और सम्मान कीजिए।

और आखिर में सिर्फ एक बात - _“मैं तुम्हारे बिना जी नहीं सकता” - ये है प्यार। “तुम नहीं भी रहो, तब भी मैं खड़ा रह सकता हूँ” - ये है जिंदगी को समझना।_
_“जब तक तुम मेरे साथ हो, मैं तुम्हारे साथ खड़ा रहूँगा” - यही सच्चा साथ है।_

_अपना हिस्सा करना हमारे हाथ में है। हमारी रक्षा करना उसके हाथ में है।_

_काश ये छोटी सी कहानी हर पति-पत्नी को एक पल रुककर_ ये सोचने पर मजबूर करे कि जब तक हम एक-दूसरे के साथ हैं, तब तक हमें एक-दूसरे के लिए क्या सीखना, क्या तैयार करना और क्या करना चाहिए। ❤️🙏

हर किसी को इस स्थिति का सामना जीवन में कभी ना कभी तो करना ही पड़ता ही है।
[ *कमाल का चश्मा है यह स्वार्थ,                                          *इसे पहनने के बाद इंसान को                                                 *दुनिया के हर रिश्ते में                                                             
    *सिर्फ फायदा और नुकसान ही नज़र आता है*
🙏
आदरणीय आपका दिन शुभ हो                                                                                                    एक मगंलमयी दिन की कामना के साथ प्रातःवंदन/सादर नमन...
[: इंसान के अंदर जो
                 समा जाए वो स्वाभिमान है,
और जो छलक  जाए
                 वो अभिमान है ।
   
    🌹शुभ प्रभात🌹
[  *क्रोध करके वह सब मत गवाइए, जो आपने शांत रहकर कमाया है।*                                                                                                                                                                                                         
🙏 *जय जगन्नाथ* 🙏

: *गलत व गलती मे बहुत छोटा फर्क होता है* 
इसलिये 
*गलतियाँ तो कीजिए*
पर 
*गलत किसी के साथ मत कीजिये*

*🪷 सुप्रभात मित्रों 🪷*

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