सुंदर संदेश🙏

तीर्थों को तीर्थ ही रहने दो पर्यटन स्थल का नाम न दो हाल ही में ओंकारेश्वर जाना हुआ, तो कुछ क्षण के लिए इस शिवनगरी में बनी एक जैन धर्मशाला में ठहरना हुआ।

यहां प्रत्येक एयरकंडीशंड कमरे के बाहर जो लिखा था, उसने जैन धर्म के प्रति सम्मान और बढ़ा दिया। 

हर कमरे के बाहर स्पष्ट शब्दों में लिखा था...

आप तीर्थ में हैं, पर्यटन स्थल पर नहीं तीर्थ मौज के लिए नहीं, आत्मकल्याण के लिए हैं। तीर्थ यात्रा सैर-सपाटे के लिए नहीं बल्कि परमार्थ साधने के लिए हैं। 

तीर्थ मनोरंजन के लिए नहीं, भावशुद्धि के लिए हैं। तीर्थ खान-पान के लिए नहीं, संयम-नियम के लिए हैं।

इन पंक्तियों ने मन निर्मल कर दिया।

प्रत्येक तीर्थ, प्रत्येक मंदिर में यह संदेश लिखा जाना चाहिए, ताकि तीर्थों को तीर्थ ही समझा जाए, पर्यटन स्थल नहीं।

हर हर महादेव.... ❤🚩

#We_support_hindutava_unity

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