सभी *सीनियर सिटीजन* को समर्पित🙏
विद्यालय में अध्यापिका ने छात्रों से लिखने को कहा वे क्या बनना चाहते हैं? क्या नहीं?
प्रत्युत्तर में एक छोटे बच्चे की दृष्टि में *सीनियर सिटीजन* बनने की इतनी आनंदमय परिकल्पना सचमुच मुस्कुराहट ला देती है।
😹यह बच्चा कहता है—
ना राष्ट्रपति बनना,
ना डॉक्टर,
ना वैज्ञानिक…
इनमें से कुछ भी नहीं।
मेरी सबसे बड़ी आकांक्षा है कि मैं भविष्य में *सीनियर सिटीजन* बनूँ—यही सबसे मज़ेदार है।
क्योंकि मेरे *दादा जी*—
😹सुबह देर से उठ सकते हैं,
😹दोपहर में झपकी ले सकते हैं,
😹टीवी देख सकते हैं और शाम को जल्दी सो सकते हैं।
😹कोई होमवर्क नहीं,
ना गर्मी–सर्दी की छुट्टियों का होमवर्क,
ना ट्यूशन।
😹अगर कोई काम न हो तो पेड़ के नीचे बैठकर ठंडी हवा का मज़ा ले सकते हैं,
या पार्क में जाकर किसी के साथ शतरंज खेल सकते हैं।
😹कितनी भी देर वीडियो गेम खेलें, कोई परवाह नहीं करता।
😹सुबह कॉफी,
दोपहर में चाय,
शाम को दूध- मजा ही मज़ा।
😹बस में मुफ्त यात्रा,
और कोई अच्छा इंसान मिले तो वह सीट भी दे देता है।
😹हाईस्पीड ट्रेन में या फ़िल्म देखते समय आधा टिकट।
😹जो चाहो खाओ, कोई रोकने वाला नहीं क्योंकि दादा जी अकेले रहते है
😹जो मन चाहे वो करो—
गाना गाओ, नाचो, चित्र बनाओ, पियानो बजाओ, ट्रम्पेट बजाओ, पहाड़ चढ़ो, ट्रैकिंग पर जाओ।
😹जेब में पैसा हो तो घूमने भी जा सकते हैं।
😀 *सीनियर सिटीजन* बनना सच में धमाकेदार है! 😄
💡 प्रेरणा…
*सीनियर सिटीजन* को खुद ही नहीं पता कि वे कितने सुखी हैं!!
🌹 सभी *सीनियर सिटीजन* को समर्पित🙏🙏🌹
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