*सत्य का दर्पण*

*सत्य का दर्पण*

एक बार भगवान शंकर और माता पार्वती पृथ्वी पर भ्रमण कर रहे थे।
रास्ते में एक मंदिर के बाहर उन्होंने एक युवक को देखा —
वह बहुत दुखी बैठा था, आँखों से आँसू बह रहे थे।

वह बार-बार भगवान से कह रहा था —

```“हे प्रभु, मैंने किसी का बुरा नहीं किया, फिर भी मेरे जीवन में दुख ही दुख हैं।
मेरे खेत सूख गए, मेरा घर जल गया, लोग मुझे ताना देते हैं — आखिर क्यों?”```

माता पार्वती को बड़ी करुणा आई।
उन्होंने शंकरजी से कहा —

“प्रभु, यह तो सच्चा भक्त प्रतीत होता है। इस पर दया कीजिए।”

*शंकरजी ने शांत स्वर में कहा —*

“देवी, हर आत्मा अपने कर्मों के अनुसार ही फल पाती है।
फिर भी, यदि तुम चाहो तो इसे सत्य का दर्पण दिखाया जा सकता है।”

उन्होंने अपनी जटा से एक चमकता हुआ दिव्य दर्पण निकाला —
जो आत्मा के कर्मों का लेखा दिखाता था।

जैसे ही दर्पण युवक के सामने रखा गया, उसमें चित्र उभरने लगे।
वह देख रहा था — अपने ही पिछले जन्मों के कर्म।
कैसे उसने दूसरों का हक छीना, मजदूरों की मेहनत दबा ली,
उन्हेंं गुलाम बनाकर मारा, पीटा ,
 और कई बार दूसरों के दुख पर हँसा था।

दृश्य देखकर वह काँप उठा।
उसकी आँखों से आँसू बहने लगे —

“प्रभु, अब मुझे समझ आ गया,
*यह दुख आपने नहीं दिया —*
*यह तो मेरे ही कर्मों का फल है।”*

शंकरजी मुस्कुराए और बोले —

“हाँ पुत्र,  भगवान दंड नहीं देते।
कोई पिता अपने बच्चों को दुख नहीं दे सकता है,
फिर भगवान दुख कैसे देंगे?
वे तो केवल ज्ञान देते हैं,
ताकि आत्मा अपने कर्मों को सुधार सके।”

“पुराने कर्म मिटाना है तो नए शुभ कर्म बोने होंगे।
यही कर्म-लेखा की विद्या है।
जब आत्मा परमात्मा को याद करती है,
तब राजयोग से उसके कर्म पवित्र होने लगते हैं।”

युवक ने हाथ जोड़कर कहा —

“अब से मैं किसी को दुख नहीं दूँगा।
मैं हर आत्मा को भाई समझूँगा, और हर कार्य में परमात्मा को साथी बनाऊँगा।”

*“यही है सच्चा राजयोग —*
जब आत्मा जागती है और अपने कर्मों को दिव्य बना लेती है।”  तो उसके जीवन में सब शुभ होने लगता है।

🌼 संदेश:

*“भगवान किसी को सज़ा नहीं देते —*
*आत्मा अपने कर्मों से ही अपना भाग्य बनाती है।*
इसलिए अगर आज दुख है, तो उसे स्वीकारो,
और आज से ही शुभ संकल्पों का बीज बो दो।
*क्योंकि जो बोओगे वही पाओगे।*
परमात्मा केवल यही याद दिलाने आते हैं —
*‘तुम मेरी संतान हो, आत्मा हो, और तुम्हारे पास अपने भाग्य को बदलने की शक्ति है।’”*       

🙏🏻🌹हर हर महादेव 🔱🚩

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