आज का मोती

[
*तरक्की के इस दौर में हम इतने आगे निकल चुके हैं..*
 *कि  हाथ में पकड़े मोबाइल की अहमियत...*
 *हमारे पास बैठे इंसान से भी ज़्यादा हो गई है..!!*



👌सुन्दर पंक्तियाँ👌

“” चेहरे की हंसी से गम को भुला दो
कम बोलो पर सब कुछ बता दो
ख़ुद ना रूठो पर सबको हंसा दो
यही राज है जिन्दगी का
जियो और जीना सिखा दो


*क्या सीरत है, क्या सूरत है*

*वो तो "ममता" की मूरत है!*

*पाँव छुए और काम हो गया*

*"माँ" खुद में शुभ मुहूर्त है!!*

   

*✍️एक दूसरे पर तीन एहसान जरूर करें....*

*✅ नफा नहीं दे सकते,तो नुकसान न करें।*

*✅ खुश नहीं कर सकते,तो दुखी न करें।*

*✅ तारीफ नहीं कर सकते, तो बुराई न करें।।*

                   

     
*क्रोधमूलो मनस्तापः* 
       *क्रोधः संसारबन्धनम्।*
*धर्मक्षयकरः क्रोधः* 
       *तस्मात्क्रोधं परित्यज॥*
  
*भावार्थ:*

*क्रोध मन के दुःख का प्राथमिक कारण है, क्रोध संसार बंधन का कारण है,क्रोध धर्म का नाश करने वाला है,इसलिए क्रोध को त्याग दें।*

                        
💧 आज का मोती 💧*

*✅ गिले शिकवों का कोई अंत नही..*

*✅ पत्थर कहते है हम पानी की मार से टूट रहे है और पानी कहता है कि पत्थर मुझे खुल कर बहने नही देते*..

 
       

*इन्सान हमेशा तकलीफ में ही,*
        *कुछ सीखता है,*

*खुशी में तो वो पिछले,*
        *सबक भी भूल जाता है...*

      

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