एक कविता जिंदगी

एक कविता
जिंदगी

खुश रहकर गुजारो...
       तो मस्त हैं,जिदंगी
दुखी रहकर गुजारो...
       तो त्रस्त हैं,जिंदगी
तुलना में गुजारो...
       तो पस्त हैं,जिंदगी
इतंजार में गुजारो...
       तो सुस्त हैं,जिंदगी
सीखने में गुजारो...
      तो किताब हैं,जिंदगी
दिखावे में गुजारो...
       तो बर्बाद हैं,जिदंगी
मिलती हैं,एक बार...
      प्यार से बिताओ जिदंगी,
जन्म तो रोज होते हैं,
    यादगार बनाओ जिंदगी

राम जी की तस्वीर saw dust मे बनाया है।

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