आंखों आंखों में*_ एक समीक्षा

दोस्तों
शुभ रात्रि

_*आंखों आंखों में*_ एक समीक्षा

5 अप्रेल 1972
निर्माता- जे ओम प्रकाश
निर्देशक- रघुनाथ झालानी
गीत- हसरत जयपुरी (HJ), वर्मा मलिक (VM)
संगीत- शंकर, जयकिशन
कलाकार- राकेश रोशन, राखी, प्राण, तरुण बोस, अचला सचदेव, जयश्री टी, दारा सिंह, टुन टुन

             इस फिल्म का खूबसूरत संगीत ही इस फिल्म का मुख्य हिस्सा रहा..जे ओम प्रकाश ने उनके दामाद राकेश रोशन को इस फिल्म में बतौर मुख्य कलाकार लिया..राकेश रोशन की जे ओम प्रकाश के साथ ये पहली फिल्म थी..उन्होंने बादमे आक्रमण, आखिर क्यों, भगवान दादा में साथ में काम किया...राकेश रोशन और राखी उन दिनों नए थे..फ्रेश चेहरों को लेकर बनायी गयी इस फिल्म से काफी अपेक्षाएं थी..राकेश रोशन आगे जाकर राजेश खन्ना की जगह लेंगे ऐसा भी प्रचार किया गया.. उन दिनों कभी कभी, दाग़, तपस्या जैसी हिट फिल्मों में अपनी अदाकारी का लोहा मनवा चुकी राखी की इस फिल्म में अदाकारी उतनी जंची नही..लीड एक्टर्स द्वारा ओवरएक्टिंग की गई..उन दिनों जिस प्रकार की फिल्में रिलीज हो रही थीं वैसी ही ये फिल्म थी..वही स्टोरी,वही स्क्रीनप्ले..इस फिल्म की शूटिंग के दौरान अभिनेता तरुण बोस का देहांत हुआ..

1)आंखों आंखों में बात होने दो (HJ)
   -आशा भोसले, किशोर कुमार
    4.03
2)तेरा मेरा मेल है मिलाया राम ने (VM)
   -आशा भोसले, किशोर कुमार
    5.10
3)गया बचपन जो आयी जवानी (VM)
   -लता मंगेशकर
    4.24
4)तेरी उमर नादान है (VM)
   -किशोर कुमार
    5.21
5)गोरा रंग मेरा गोरी बाहें (VM)
   -आशा भोसले, उषा मंगेशकर
    4.51
6)दो बातें प्यार भरी कर लूं (VM)
   -आशा भोसले, किशोर कुमार
    3.43

https://youtu.be/WIQ5-gHLBC0
यह vdo link में फिल्म आप देख सकते हो

धन्यवाद

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