सत्य वचन



दोस्तों


सत्य वचन
           

          सत्य है कि लोहे से ही लोहे को काटा जा सकता है और पत्थर से ही पत्थर को तोड़ा जा सकता है। मगर हृदय चाहे कितना भी कठोर क्यों ना हो उसको पिघलने के लिए कभी भी कठोर वाणी कारगर नहीं हो सकती क्योंकि वह केवल और केवल नरम वाणी से ही पिघल सकता है।

         क्रोध को क्रोध से नहीं जीता जा सकता, बोध से जीता जा सकता है। अग्नि अग्नि से नहीं बुझती जल से बुझती है। समझदार व्यक्ति बड़ी से बड़ी बिगड़ती स्थितियों को दो शब्द प्रेम के बोलकर संभाल लेते हैं। 
          हर स्थिति में संयम रखो, संयम ही आपको क्लेशों से बचा सकता है। आँखों में शर्म रहे और वाणी नरम रहे तो समझ लेना परम सुख आपसे दूर नहीं।

         🙏🏻जय श्री कृष्णा🙏🏻

Comments

Popular posts from this blog

Changing Self Vs Changing Scene?????

Children And Animals

See Good in Others