कोई लौटा दे.. मेरे बीते हुए दिन।।
: हमारे बचपन में कपड़े तीन टाइप के ही होते थे ••• स्कूल का ••• घर का ••• और किसी खास मौके का ••• अब तो ••• कैज़ुअल, फॉर्मल, नॉर्मल, स्लीप वियर, स्पोर्ट वियर, पार्टी वियर, स्विमिंग, जोगिंग, संगीत ड्रेस, फलाना - ढिमका ••• जिंदगी आसान बनाने चले थे ••• पर वह कपड़ों की तरह कॉम्प्लिकेटेड हो गयी है •••! बचपन में पैसा जरूर कम था पर साला उस बचपन में दम था" . "पास में महंगे से मंहगा मोबाइल है पर बचपन वाली गायब वो स्माईल है" . "न गैलेक्सी, न वाडीलाल, न नैचुरल था, पर घर पर जमीं आइसक्रीम का मजा ही कुछ ओर था" . अपनी अपनी बाईक और कारों में घूम रहें हैं हम पर किराये की उस साईकिल का मजा ही कुछ और था "बचपन में पैसा जरूर कम था पर यारो उस बचपन में दम था *कभी हम भी.. बहुत अमीर हुआ करते थे* *हमारे भी जहाज.. चला करते थे।* *हवा में.. भी।* *पानी में.. भी।* *दो दुर्घटनाएं हुई।* *सब कुछ.. ख़त्म हो गया।* *पहली दुर्घटना* जब क्लास में.. हवाई जहाज उड़ाया। टीचर के सिर से.. टकराया। स्कूल से.. निकलने की नौबत आ गई। बहुत फजीहत हुई। कसम दिलाई...