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लोग कब बेहोश होते हैं ?* 🙄

* लोग कब बेहोश होते हैं ?* 🙄 नोटबंदी हो तो लोग बेहोश हो जाते हैं। SIR लागू हो तो लोग बेहोश हो जाते हैं। सिलेंडर लेने की लाइन लगे तो लोग बेहोश हो जाते हैं। *परंतु कुछ लाइन ऐसी भी हैं जहाँ खड़े लोग कभी बेहोश नहीं होते।* वह लाइने हैं — *जहाँ हर महीने Free का राशन मिलता है,* *जहाँ Free का इलाज मिलता है,* *जहाँ Free का गैस कनेक्शन मिलता है,* *जहाँ Free का घर मिलता है,* *जहाँ Free का SIM मिलता है,* *जहाँ Free की छात्रवृत्ति और शिक्षा मिलती है,* *और कई जगह तो Free का खाना भी मिलता है।* अजीब बात है… *देश में जो चीजें मुफ्त FREE मिलती हैं, वहाँ भीड़ हमेशा मजबूत और स्वस्थ रहती है।* 👇🏻 *लेकिन जहाँ जिम्मेदारी, नियम या भुगतान की बात आती है, वहीं अचानक लोगों को चक्कर आने लगते हैं.....* 👆🏻 शायद यही हमारे समय का सबसे बड़ा सामाजिक-राजनीतिक व्यंग्य है — *“अधिकार” की लाइन में भीड़ बढ़ती जा रही है,..* *और “कर्तव्य” की लाइन में लोग बेहोश होते जा रहे हैं ...* 🤔

A Vital Life Lesson

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A Guru once told his three senior disciples that their final examination was approaching. He warned them to remain vigilant, because the test could come anytime and in any form. A few days later, he asked them to cross a dense forest and reach a nearby village before sunrise. The three disciples set out on their journey. As they were walking through the forest, they encountered a large pile of sharp thorns blocking the path. The first disciple stepped back, gathered momentum, and leapt over the thorns with great effort, landing safely on the other side. The second disciple looked around, climbed a nearby tree, carefully moved along a branch that stretched across the path, and jumped down beyond the thorns. The third disciple quietly placed his travel bundle on the ground and began removing the thorns one by one from the path. The other two disciples watched him in disbelief. “What are you doing?” they asked impatiently. “Why waste time? We must reach the village before morn...

*🪷भोर वंदन🪷*

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*🪷भोर वंदन🪷* बहुत समय पहले की बात है। एक विधवा माँ अपने बेटे के साथ किसी तरह जीवन व्यतीत कर रही थी ।           एक दिन माँ ने बेटे से कहा- “बेटा ! यहाँ से बहुत दूर तपोवन में एक महाज्ञानी सिद्ध मुनि पधारे हैं। तुम उनके पास जाओ और पूछो कि हमारे ये दु:ख के दिन और कब तक चलेंगे। इसका अंत कब होगा।”            बेटा घर से चला। पुराने समय में यातायात की सुविधा नहीं थी। वह पद यात्रा कर रहा था। चलते-चलते सांझ हो गई। गाँव में एक सेठ के घर पर रात्रि विश्राम करने रुक गया। वह सुबह उठकर वह आगे की यात्रा पर चलने लगा तो घर की सेठानी ने पूछा- “बेटा कहाँ जा रहे हो?” तो उसने अपनी यात्रा का कारण सेठानी को बताया। सेठानी ने कहा- “बेटा! मेरी एक पुत्री है और ये बोल नहीं पातीं तो मुझे चिंता है कि इससे विवाह कौन करेगा। मेरी इस समस्या का समाधान भी पूछ लेना।” युवक ने सहमति दे दी और आगे बढ़ गया।             दिन बीता तो उसे एक संत मिले। वह रात्रि विश्राम हेतु अपने साथ ले आए। गंतव्य पूछने पर उसने मुनि से मिलने और समस्याओं ...

बेवजह कुण्डी खट-खटाया करो॥*

* ॥बेवजह कुण्डी खट-खटाया करो॥*                  💐🧿🙏 आसपास के लोगों से मिलते रहा करो, उनकी थोड़ी खैर खबर भी रखा करो। जाने कौन कितने अवसाद में जी रहा है, पता नहीं कौन बस पलों को गिन रहा है। कभी निकलो अपने घरोदों से, औरों के आशियानें में भी जाया करो। कभी कभी अपने पड़ोसियों की कुण्डी, तुम बेवजह ही खट-खटाया करो। कभी यूं ही किसी के कंधे पर हाथ रख, साथ होने का अहसास दिलाया करो। कभी बिन मतलब लोगों से बतिया करो, बिना जज किये बस सुनते जाया करो। कुछ टूटे मिलेंगे, कुछ रूठे मिलेंगे, जिन्दगी से मायूस भी मिलेंगे। बस कुछ प्यारी सी उम्मीदें, कभी उनके दिलों में जगाया करो। ऐसा न हो फिर वक्त ही न मिले, और मुट्ठी की रेत की तरह लोग फिसलते रहे। यूं वक्त-बेवक्त ही सही, लोगों को गले तो लगाया करो। *॥बेवजह कुण्डी खट-खटाया करो॥*

आज का सुविचार

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 * स्वार्थ की रफ्तार भले ही तेज हो किन्तु, मंजिल तक "निःस्वार्थ" ही पहुँचता है* *इसलिए अपनों के बीच निःस्वार्थ रहने का प्रयास करें !!* *जयश्रीकृष्ण* 🌹🙏 *स्वास्थ्य सबसे बड़ी दौलत है, संतोष सबसे बड़ा खजाना है,आत्मविश्वास सबसे बड़ा मित्र है।* *जय सियाराम*👏 *भगवा प्रणाम*🚩 : *_ऐ ज़िन्दगी...,,,,,,_*   _काश सड़कों की तरह तेरे रास्तों पर भी लिखा होता ........._   _" आगे खतरनाक मोड़ है,_   _जरा संभल के " !!!_ *_🌅मधुरिम सुप्रभात🌅_*   _आप सभी का रविवार सुकून भरा रहे !_   *🌞ॐ मित्राय नमः🌞*                   🙏 : *मेरे मालिक .......!!!!*🌹🙏  *कटता रहे मेरा जीवन*             *तेरे मोर पंख के छांव तले* *थामे जब भी तू पतवार श्याम*          *बालू रेत में भी मेरी नाव चले।* *🙏🌹जय श्री श्याम 🌹🙏*

जनहित में जारी* 😊🙂

* 100 वेजिटेरियन डिश जो kam say kam LPG गैस के बन सकती हैं 🔥* 1. स्प्राउट्स चाट 2. भेलपुरी 3. सेवपुरी 4. दहीपुरी 5. फ्रूट चाट 6. दही चावल 7. दही पोहा 8. लेमन पोहा 9. मूंग दाल कोसिंबीर 10. चना चाट 11. खीरे का रायता 12. बूंदी रायता 13. कचुम्बरा सलाद 14. पीनट सलाद 15. दही सैंडविच 16. ग्रीन चटनी सैंडविच 17. पनीर भुर्जी सैंडविच 18. स्टफ्ड खीरा 19. लस्सी 20. मसाला छाछ 21. टूटी दाल सलाद 22. फ्रूट सलाद 23. खीरा-टमाटर सलाद 24. पीनट-खीरा सलाद 25. केला-दही मिक्स 26. खजूर-ड्राईफ्रूट मिक्स 27. ड्राईफ्रूट लड्डू (बिना गैस के) 28. शहद-नींबू पानी 29. पुदीना-दही डिप 30. अंकुरित मूंग सलाद 31. सेब-मूंगफली सलाद 32. खीरे का रोल (अंकुरित फल भरने के साथ) 33. टमाटर-प्याज-धनिया सलाद 34. पनीर सलाद 35. भीगे हुए ओट्स-दही का कटोरा 36. चिया सीड्स-दही का कटोरा 37. मूंगफली-गुड़ का मिक्स 38. नारियल-गुड़ का मिक्स 39. फ्रूट स्मूदी 40. छाछ-पुदीना ड्रिंक 41. अंकुरित मटकी सलाद 42. अंकुरित चने का सलाद 43. पनीर क्यूब्स सलाद 44. टमाटर चाट 45. खीरा-गाजर का सलाद 46. गाजर-चुकंदर का सलाद 47. दही-शहद का कटोरा 48. सेब-दही का सलाद 4...

यह रचना दिल को छू गई।*🦚📢

: *🎸यह रचना दिल को छू गई।*🦚📢            तीन   पहर   तो   बीत   गये,            बस  एक  पहर ही बाकी है।            जीवन हाथों से फिसल गया,            बस  खाली  मुट्ठी  बाकी  है। सब  कुछ पाया इस जीवन में, फिर   भी   इच्छाएं  बाकी  हैं दुनिया  से  हमने   क्या  पाया, यह लेखा - जोखा बहुत हुआ, इस  जग  ने हमसे क्या पाया, बस   ये   गणनाएं   बाकी  हैं।            इस भाग-दौड़  की  दुनिया में           हमको इक पल का होश नहीं,           वैसे तो  जीवन  सुखमय  है,           पर फिर भी क्यों संतोष नहीं ! क्या   यूं   ही  जीवन  बीतेगा, क्या  यूं...