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कुछ संदेश🙏

एक पक्षी ने एक ही प्रश्न तीन बार पूछा, और उत्तर में आयुर्वेद का पूरा सार छिपा था। आयुर्वेद परंपरा के अनुसार, आचार्य वाग्भट के आश्रम में एक प्रातः एक तेजस्वी पक्षी आकर बैठा और पूछने लगा, "कोऽरुक्?" अर्थात रोग से मुक्त कौन है? शिष्यों ने औषधियाँ और रसायन गिनाए, परंतु पक्षी वही प्रश्न दोहराता रहा। तब आचार्य ने तीन शब्दों में उत्तर दिया: हितभुक्, मितभुक्, ऋतभुक्। जो हितकारी भोजन करे, जो सीमित मात्रा में करे, और जो सत्य से अर्जित अन्न खाए। यही वाग्भट अष्टांग हृदय के रचयिता हैं। : *दांत चाहे कितनी भी बार जीभ को काटे फिर भी वे दोनों साथ रहते हैं, और साथ काम करते हैं,* *यही क्षमा व संबंध की भावना है.!!* *नेकियाँ करते रहिये क्योंकि ये हमारी जीवन की सुरक्षा निधि है।*  *हमारे जीवन में जब भी कभी तूफान आएगा, तो यही नेकियाँ हमारे लिए कश्ती का काम करेंगी....!*      🌴🌴🌴🌴🌴🌴 *मुस्कराना जिन्दगी का वो खुबसूरत लम्हा है ...* *जिसका अंदाज सब रिश्तो से अलबेला है ...* *जिसे मिल जाये वो तन्हाई में भी खुश...* *और जिसे न मिले वो भीड़ में भी अकेला है,,,*      ::::: *मुस्काते...

सीमाएँ कमजोरी नहीं, बिखरने से बचाती हैं"*

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*" सीमाएँ कमजोरी नहीं, बिखरने से बचाती हैं"* हमारे जीवन का पूरा दर्शन है।  रामायण में लक्ष्मण रेखा का मूल  लक्ष्मण जी ने जब रेखा खींची तो वह सीता माता पर अविश्वास नहीं था, वह सुरक्षा थी। रावण जैसी आसुरी शक्ति उस रेखा को पार नहीं कर सकती थी। *जहाँ मर्यादा है, वहाँ सुरक्षा है।* सीता जी ने करुणा में आकर रेखा पार की, और परिणाम हम जानते हैं।  प्रेम में भी विवेक ज़रूरी है, दया में भी सीमा ज़रूरी है।आधुनिक जीवन में हमारी लक्ष्मण रेखा क्या है? *रिश्तों में सीमा* अगर आप हर किसी को हर समय उपलब्ध हैं, हर किसी की हर बात मान लेते हैं, तो लोग आपके समय और भावनाओं का सम्मान करना बंद कर देते हैं। "ना" कहना सीखना ही आपकी लक्ष्मण रेखा है। यह स्वार्थ नहीं, आत्म-सम्मान है।*मन में सीमा* मन में हजारों विचार आते हैं। ईर्ष्या, क्रोध, तुलना। अगर उन पर सीमा न लगाई, तो मन बिखर जाता है, डिप्रेशन, चिंता पैदा होती है। ध्यान, प्रार्थना, सकारात्मक सोच — ये मन की लक्ष्मण रेखा हैं। *काम और जीवन में सीमा* दिन भर काम, रात भर फोन स्क्रॉल करना — इससे शरीर और परिवार दोनों बिखर जाते हैं। समय पर...

*🙏🏻!! बार बार पढ़े !!🙏🏻*

* मैने यह  POEM चार बार पढ़ी फिर भी मन नही भरा..*!!   *कहाँ पर बोलना है,*     *और कहाँ पर बोल जाते हैं,*           *जहाँ खामोश रहना है,*                *वहाँ मुँह खोल जाते हैं..!!* *कटा जब शीश सैनिक का,*      *तो हम खामोश रहते हैं,*           *कटा एक सीन पिक्चर का,*                *तो सारे बोल जाते हैं..!!* *नयी नस्लों के ये बच्चे,*      *जमाने भर की सुनते हैं,*           *मगर माँ बाप कुछ बोले,*                 *तो बच्चे बोल जाते हैं..!!* *बहुत ऊँची दुकानों में,*       *कटाते जेब सब अपनी,*             *मगर मज़दूर माँगेगा,*                  *तो सिक्के बोल जाते हैं..!!* *अगर मखमल करे गलती,*      *तो कोई कुछ नहीँ कहता,*        ...

मेलकोट गांव, 🙏

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ये है कर्नाटक का मेलकोट गांव, राजधानी बेंगलुरु से 100 किमी दूर । यहां पिछले 200 सालों से दीवाली नहीं मनाई जाती और यहां के लोग अपने बेगुनाह पूर्वजों को यादकर आज भी सिसकते रहते हैं । कारण दरबारी इतिहासकारों के जिगर के छल्ले, परम् प्रिय, दयालु और महान क्रांतिकारी टीपू सुलतान के महान करामात । छोटी दीवाली के दिन ही कथित महान टीपू सुल्तान ने 800 ब्राह्मणों को फांसी पर चढ़ाना शुरू किया था और गांव में मौत का यह तांडव लगातार तीन दिन चला था, जिसमे महिलाएं, बूढ़े और बच्चे भी शामिल थे । टीपू के सिपहसलारों ने पेड़ों पर टँगी लाशों में अपना मनोरंजन ढूढ निकाला और लगातार राक्षसी अट्टहास किया था । स्थानीय लोगों का कहना है कि मुस्लिम शासक टीपू सुल्तान की वजह से ये गांव कभी दिवाली नहीं मनाता । इस परंपरा के माध्यम से ये गांव, टीपू सुल्तान और उसकी छवि के प्रति अपना विरोध जताता है । दीपावली को अंधेरे पर प्रकाश की जीत का प्रतीक माना जाता है, लेकिन मांड्यम अयंगरों के लिए यह दिन हमेशा के लिए एक ऐसा दिन होता है, जब उन पर अंधेरा छा जाता है । वही दूसरी ओर टीपू सुल्तान को हमारे देश का बुद्धजीवी वर्ग महान ...

Great Information

Louis Philippe, Van Heusen, Allen Solly, Peter England, Park Avenue, Reid & Taylor, Monte Carlo, Da Milano You will think these are American or British brands that came to India. In reality, they never existed outside India. They were stitched in Bangalore, Ludhiana, or Mumbai, by an Indian owner, who gave them a western name because Indians would not buy if it was called "Ramesh Textiles." This is the biggest con in Indian fashion, and also the biggest success story. 1. Why western name? After 1990 liberalization, two things happened: 1. Foreign brands were not allowed easily till 2005. But Indian middle class wanted to look foreign. 2. Indian consumer had deep inferiority — "Kapda angrez ka accha hota hai." If same shirt says "Peter England" vs "Gopal Shirt", people will pay Rs 2000 for first, Rs 400 for second, even if same factory. So industrialists created fake foreign brands. It's called "Foreign Branding Strategy." Aditya...

शरद पूर्णिमा पर विशेष आलेख

शरद पूर्णिमा पर विशेष आलेख शरद की हंसी: जगमग जगमग मधुर चांदनी   सम्मोहित करती, जादू सा जगाती कितनी खूबसूरत होती है चांदनी रात,,,,, उसमें भी शरद पूर्णिमा की ।जब चंद्रमा,,, अपनी 16 कलाओं से पूर्ण  और उसकी किरणों में अमृत ।  धरती से लेकर नील गगन तक को अपने आगोश में लपेटी हुई शांत स्निग्ध ज्योत्सना  का क्या कहना,,,,! सारे परिवेश में अद्भुत अलौकिक सौंदर्य  बिखेरती कोमल कांत भावों को जगाती ,सुमधुर  कल्पनाओं का जाल बुनती, फेंटेसी रचती चांदनी प्रकृति की अनुपम भेंट है वैसे ही जैसे-- संगीत-महानतम सौगात।  "नीले नभ के शतदल पर वह बैठी शारद-हासिनि मृदु करतल पर शशि-मुख धर नीरव और अनिमिष एकाकिनी।" -----'चांदनी':सुमित्रानंदन पंत प्रकृति कवि पंत जी की' नौका विहार 'कविता हो या 'वह विजन चांदनी की घाटी' हो या 'शरद चांदनी' अथवा जयशंकर प्रसाद के 'कामायनी' महाकाव्य का 'आनंद 'सर्ग हो या  निराला और महादेवी की कविताएं ,,,,,,,सब में चांदनी नाना रूपों में मोहक प्रभाव डालती है । पर इन सबके बावजूद यह कहना पड़ता है कि राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की पंचवटी की ये...

प्रेम से कहिये जय श्री राधे ║🌹🙏

*अति सुंदर अवश्य पढ़ें*     💠 *स्वर्ग* में सब कुछ हैं लेकिन *मौत* नहीं है,  *गीता* में सब कुछ हैं लेकिन *झूठ* नहीं है,  *दुनिया* में सब कुछ हैं लेकिन किसी को *सुकून* नहीं है,                    और  आज के *इंसान* में सब कुछ हैं लेकिन *सब्र* नहीं है। *राजा भोज* ने *कवि कालीदास* से *दस सर्वश्रेष्ठ* सवाल किए.. 1- दुनिया में भगवान की *सर्वश्रेष्ठ रचना* क्या है ?                          उत्तर - *''मां''* 2 - सर्वश्रेष्ठ *फूल* कौन सा है ?                          उत्तर - *"कपास का फूल"* 3 - सर्वश्र॓ष्ठ *सुगंध* कौनसी है ?           उत्तर - *वर्षा से भीगी मिट्टी की सुगंध* 4 - सर्वश्र॓ष्ठ *मिठास* कौनसी ?                         उत्तर - *"वाणी की"* 5 - सर्वश्रेष्ठ *दूध* ?           ...