Health Tips
हरड़े भरड़े आँवले, लो तीनो सम तोल। कूट पीस कर छानिए,त्रिफला है अनमोल।। पाँच भाँति के नमक से,करो चूर्ण तैयार। दस्तावर है औषधि, कहते पंचसकार।। ताजे माखन में सखी, केसर लेओ घोल। मुख व होठों पर लगा,रंग गुलाब अमोल।। सूखी मेंथी लीजिए, खाएँ मन अनुसार। किसी तरह पहुँचे उदर,मेटे बहुत विकार।। ठंड जुकाम भारी लगे, नाक बंद हो जाय। अजवायन को सेंक कर, सूंघे तो खुल जाय।। चर्म रोग में पीसिए, अजवायन को खूब। लेप लगाओ साथिया,मिलता लाभ बखूब।। फोड़े फुंसी होय तो, अजवायन ले आय। नींबू रस में पीस कर,औषध मान लगाय।। अजवाइन गुड़ घी मिला,हल्का गर्म कराय। वात पित्त कफ संतुलन, सर्दी में हो जाय।। भारी सर्दी पोष की, करती बेदम हाल। अदरक नींबू शहद को,पीना संग उबाल।। मेंथी अजवायन उभय,हरती उदर विकार। पाचन होता संतुलित, खाएँ किसी प्रकार।। अदरक के रस में शहद, लेना सखे मिलाय। पखवाड़े नियमित रखो,श्वाँस कास मिटजाय। मक्का की रोटी भली,खूब लगाओ भोग। पाचन के संग लाभ दे,क्षय में रखे निरोग।। छाछ दही घी दूध ये, शुद्ध हमारा भोज। गाय पाल सेवा करो ,मेवा पाओ रोज।। गाजर रस मय आँवला,पीना पूरे मास। रक्त बने भरपूर तो,नयनन भरे उजास।। बथुआ केंहि विधि...