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अमृत कथा*

* अमृत कथा* *बड़ी ही सुन्दर कथा है,अवश्य पढ़ें..*  एक बार मथुरा के निकट एक गाँव में एक छोटी लड़की रहती थी। वृन्दावन के निकट होने के कारण वहां से बहुत लोग ठाकुर जी के दर्शन को जाते थे। जब वो छोटी बच्ची 5 साल की हुई तो उसके घर वाले बांके बिहारी जी के दर्शन के लिए जा रहे थे। उस समय वाहन बहुत कम थे। उनको दर्शन को जाते देख उस छोटी लड़की ने कहा “पिताजी मुझे भी अपने साथ ठाकुर जी के दर्शन के लिए ले चलो” पिताजी ने कहा बेटा अभी आप छोटे हो इतना चल नहीं पाओगे थोडा बड़ा हो जाओ तब तुम्हें साथ में ले चलेंगे।      कुछ समय बीता जब वो 7 साल की हुई तो फिर घरवालों का किसी कारणवश वृन्दावन जाना हुआ। फिर उस बच्ची ने कहा “पिताजी अब मुझे भी साथ ले चलो ठाकुर जी के दर्शन के लिए।” लेकिन किसी कारणवश वो उसको न ले जा सके। बच्ची के मन में ठाकुर जी के प्रति बहुत प्रगाढ़ प्रेम था। वह बस उनका मन से चिंतन करती रहती थी और दुखी भी होती थी की ठाकुर जी के दर्शन को न जा सकी आज तक। गाँव में उसके सभी सहपाठी प्रभु जी के दर्शन कर चुके थे। जब वो सब ठाकुर जी के मंदिर और उनके रूप का वर्णन करते तो इस बच्ची के मन में दर...

इस संसार में हकीकत में कौन क्या है....✍*

* इस संसार में हकीकत में कौन क्या है....✍*         *👌जानिए हँसमुखी नज़रों से ।* *1 सिनेमा-----* पैसा देकर कैद होने का स्थान । *2 जेल --------* बिना पैसे का होस्टल । *3 सास -------* बहू के पीछे छोडा गया बिना पैसे का जासूस । *4 चिन्ता------* वजन कम करने की सबसे सस्ती दवा । *5 मृत्यु -------* बिना पासपोर्ट के पृथ्वी से दूूर जाने की छूट । *6 ताला -------* बिना वेतन का चौकीदार । *7 मुर्गा --------* देहात की अलार्म घडी । *8 झगडा ------* वकील का कमाऊ बेटा । *9 चश्मा-------* जादुई आँख । *10 स्वप्न ----* बिना पैसे की फिल्म । *11 हॉस्पिटल ---* रोगियों का संग्रहालय । *12 श्मशान --* दुनिया का आखिरी स्टेशन । *13 ईश्वर ------* किसी से मुलाकात न करने वाला एडमिन । *14 चाय कॉफी ---* कलयुग का अमृत । *15 विद्वान ------* अक्ल का ठेकेदार । *16 चोर --------* रात का शरीफ व्यापारी । *17 विश्व --------* एक महान धर्मशाला । और अंत में  *18 फेसबुक और व्हाट्सएप -----* एक लाइलाज नशा , जिसने आपको जकड़ा हुआ है ।              *हँसते रहिये , हँसाते रहिये ।*...

मूंग की विदाई, बेसन की ताजपोशी

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महंगाई की कचौरी: मूंग की विदाई, बेसन की ताजपोशी *सुदर्शन टुडे ब्यूरो बुरहानपुर*  गरीब का व्यंजन  कचौरी खाते ही मूंग दाल की महक मन मस्तिष्क में समा जाती थी वहीं हींग की हल्की सी महक स्वाद को राजशाही बना देती थी। आज की कचौरी में न स्वाद बचा न इसको स्वादिष्ट व्यंजन का जायका देने वाली मूंग की दाल बची न हींग! हाथ ठेले या चाय नाश्ते की दुकानों पर परोसे जाने वाली कचौरी में केवल तेल की भाप और बेसन का आत्मविश्वास ही महसूस होता है। मारवाड़ और मध्य भारत की शान रही कचौरी आज  बुरहानपुर मे अपनी पहचान के साथ स्वाद के संकट से जूझ रही है।  महंगाई की मार है या दुकानदार का निजी स्वार्थ हलवाई ने कचौरी से मूंग दाल को चुपचाप बाहर का रास्ता दिखा दिया  और उसकी जगह चने के बेसन ने स्थायी कब्जा जमा लिया है। मूंग अब कचौरी में नहीं, यादों में भी मुश्किल से मिलती है। हींग, जो कभी कचौरी की आत्मा हुआ करती थी, अब सिर्फ नाम की हींग रह गई है—शायद दुकानदार - हलवाई हींग का फोटो दिखाकर ही काम चला रहे हैं। 3 से 5 रूपये की कचौरी 10 से 15 रुपये की होने के बाद भी स्वाद खोजना पड़ रहा है। स्वा...

भक्त की रक्षा🙏

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.                            भक्त की रक्षा           एक गांव में कृष्णा बाई नाम की बुढ़िया रहती थी वह भगवान श्रीकृष्ण की परमभक्त थी। वह एक झोपड़ी में रहती थी। कृष्णा बाई का वास्तविक नाम सुखिया था पर कृष्ण भक्ति के कारण इनका नाम गांव वालों ने कृष्णा बाई रख दिया।           घर-घर में झाड़ू पोछा बर्तन और खाना बनाना ही इनका काम था। कृष्णा बाई रोज फूलों का माला बनाकर दोनों समय श्री कृष्ण जी को पहनाती थी और घण्टों कान्हा से बात करती थी। गांव के लोग यहीं सोचते थे कि बुढ़िया पागल है।           एक रात श्री कृष्ण जी ने अपनी भक्त कृष्णा बाई से कहा–‘कल बहुत बड़ा भूचाल आने वाला है तुम यह गांव छोड़ कर दूसरे गांव चली जाओ।’           अब क्या था मालिक का आदेश था कृष्णा बाई ने अपना सामान इकट्ठा करना शुरू किया और गांव वालों को बताया कि कल सपने में कान्हा आए थे और कहे कि बहुत प्रलय होगा पास के गांव में चली जा।     ...

माँ यशोदा जन्मोत्सव आज*🙏

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* माँ यशोदा जन्मोत्सव आज* --------------------------------------- *इस व्रत से मिलता है लंबी उम्र का वरदान!* *⭕सनातन धर्म में मां और संतान के निस्वार्थ प्रेम की जब भी बात होती है, तो माता यशोदा और भगवान श्रीकृष्ण का नाम सबसे पहले आता है. पौराणिक परंपरा के अनुसार फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को यशोदा जयंती के रूप में मनाया जाता है.* *यह दिन उस ममता को समर्पित है, जिसने स्वयं ईश्वर का पालन-पोषण किया. भले ही श्रीकृष्ण ने देवकी के गर्भ से जन्म लिया, लेकिन उन्हें यशोदा नंदन के रूप में ही दुनिया ने जाना. मान्यता है कि इस दिन माता यशोदा का पूजन करने से सूनी गोद भर जाती है और संतान को दीर्घायु प्राप्त होती है.* *संतान प्राप्ति के लिए क्यों खास है यह व्रत?* ============================= यशोदा जयंती का व्रत मुख्य रूप से माताओं के लिए फलदायी माना गया है. जो महिलाएं संतान सुख से वंचित हैं या जिनकी संतान के जीवन में कष्ट हैं, उनके लिए यह दिन किसी वरदान से कम नहीं है. इस दिन माता यशोदा की गोद में विराजे बाल-गोपाल के स्वरूप की पूजा की जाती है. यह पूजा न सिर्फ वात्सल्य भाव बढ़ाती ...

आज का चिंतन....

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* आज का चिंतन................* *आपको जीवन में*  *कौन मिलता है?*             *यह समय तय करता है,* *आप उनमें से*  *किसका साथ चाहते हैं?*                  *यह आप तय करते हैं।* *और उनमें से*  *कौन आपके साथ रहता है?*           *यह आपका व्यवहार तय करता है।* *🙏🏼 जय श्री राधेकृष्ण 🙏🏼* *आपका दिन शुभ रहे 😊🌹🙏🏼* ☘️🌼🌼☘️☘️🌼🌼☘️☘️🌼🌼☘️ *सूर्योदय और सूर्यास्त हमें बताता है कि जीवन में कुछ भी स्थाई नहीं है, इसलिये हमेशा खुश रहें एवं जीवन की यात्रा का भरपूर आनंद लें ।।* *आपका दिन शुभ और मंगलमय हो।*

मन की बात❤️

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*!!   जय श्री कृष्ण  !!* *संसार का मायावी व्यवहार जितनी जल्दी समझ आ जायेगा उतनी जल्दी आपकी बुद्धि परमात्मा की ओर लगने लगेगी। केवल सांसारिक बुद्धि से जीव का कल्याण कभी संभव नहीं हो सकता इसलिए संसार की परीक्षा भी करते रहना चाहिए।* *संसार की परीक्षा करते-करते समय- समय पर स्वयं का भी निरीक्षण करते रहें कि कहीं मैं अपने मार्ग से भटक तो नहीं रहा। भौतिक एवं आध्यात्मिक समृद्धि आपको स्वयं के द्वारा ही प्राप्त होगी। अज्ञानी व्यक्ति स्वयं के बजाय दूसरों के गुण-दोषों का चिंतन करते रहने के कारण अपने जीवन में कुछ श्रेष्ठ पाने से भी वंचित रह जाता है।*           *सुप्रभात*🙏🙏 *आज का दिन शुभ मंगलमय हो।* *!!!...अतीत की कुछ स्मृतियाँ...* *पछतावे के सिवा और कुछ नहीं देती...!!!* *!!  जय श्री कृष्ण  !!* *संसार का मायावी व्यवहार जितनी जल्दी समझ आ जायेगा उतनी जल्दी आपकी बुद्धि परमात्मा की ओर लगने लगेगी। केवल सांसारिक बुद्धि से जीव का कल्याण कभी संभव नहीं हो सकता इसलिए संसार की परीक्षा भी करते रहना चाहिए।* *संसार की परीक्षा करते-करते समय- समय पर स्व...