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Showing posts from February, 2026

Health Tips

हरड़े भरड़े आँवले, लो तीनो सम तोल। कूट पीस कर छानिए,त्रिफला है अनमोल।। पाँच भाँति के नमक से,करो चूर्ण तैयार। दस्तावर है औषधि, कहते पंचसकार।। ताजे माखन में सखी, केसर लेओ घोल। मुख व होठों पर लगा,रंग गुलाब अमोल।। सूखी मेंथी लीजिए, खाएँ मन अनुसार। किसी तरह पहुँचे उदर,मेटे बहुत विकार।। ठंड जुकाम भारी लगे, नाक बंद हो जाय। अजवायन को सेंक कर, सूंघे तो खुल जाय।। चर्म रोग में पीसिए, अजवायन को खूब। लेप लगाओ साथिया,मिलता लाभ बखूब।। फोड़े फुंसी होय तो, अजवायन ले आय। नींबू रस में पीस कर,औषध मान लगाय।। अजवाइन गुड़ घी मिला,हल्का गर्म कराय। वात पित्त कफ संतुलन, सर्दी में हो जाय।। भारी सर्दी पोष की, करती बेदम हाल। अदरक नींबू शहद को,पीना संग उबाल।। मेंथी अजवायन उभय,हरती उदर विकार। पाचन होता संतुलित, खाएँ किसी प्रकार।। अदरक के रस में शहद, लेना सखे मिलाय। पखवाड़े नियमित रखो,श्वाँस कास मिटजाय। मक्का की रोटी भली,खूब लगाओ भोग। पाचन के संग लाभ दे,क्षय में रखे निरोग।। छाछ दही घी दूध ये, शुद्ध हमारा भोज। गाय पाल सेवा करो ,मेवा पाओ रोज।। गाजर रस मय आँवला,पीना पूरे मास। रक्त बने भरपूर तो,नयनन भरे उजास।। बथुआ केंहि विधि...

मैं पैसा हूँ:!*

* वाह रे पैसा!*              *तेरे कितने नाम?* मंदिर मे दिया जाये तो *( चढ़ावा )*                      स्कुल में                     *( फ़ीस )* शादी में दो तो *( दहेज )*                तलाक देने पर               *( गुजारा भत्ता )*  आप किसी को देते हो तो *( कर्ज )*                      अदालत में                    *( जुर्माना )* सरकार लेती है तो *( कर )*                  सेवानिवृत्त होने पे                 *( पेंशन )* अपहर्ताओ के लिए *( फिरौती )*                  होटल में सेवा के लिए                 ...

कभी सोचा है…

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कभी सोचा है… हम सब किसी न किसी की कहानी में किरदार हैं। किसी की दुआ, किसी की आदत, किसी की वजह, किसी की तकलीफ़, किसी की याद। हम सब अपनी-अपनी लड़ाइयों में मुस्कान ओढ़े घूमते हैं, क्योंकि दुनिया को चेहरे की मुस्कान चाहिए, दिल के जख़्म नहीं। कभी लगता है रिश्ते कितने आसान होते, अगर लोग सुन लेते जो हम बोल नहीं पाते… पर शायद, इसी कमी का नाम ज़िंदगी है। हर अधूरी ख्वाहिश, हर बिखरी उम्मीद, हमें थोड़ा और इंसान बना जाती है। और किसी दिन जब सारे जवाब मिल जाएंगे हम मुस्कुराकर कहेंगे, “शुक्र है… सब कुछ मेरी मर्ज़ी से नहीं हुआ, वरना मैं खुद को आज इतना ख़ूबसूरत नहीं बना पाता।”